Kharge vs RSS : बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार के मंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे, प्रियंक खड़गे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने चित्तापुर में RSS के प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए अनुमति मांगने पर तंज कसते हुए कहा कि संगठन “100 साल में पहली बार कानून का पालन करता दिख रहा है।” खड़गे ने स्पष्ट चेतावनी दी कि प्रशासन ने इस प्रस्तावित गतिविधि के लिए बेहद सख्त नियम और शर्तें तय की हैं, और यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन हुआ तो कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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Kharge vs RSS : प्रियंक खड़गे ने कहा कि जो संगठन हमेशा नियमों को नजरअंदाज करता रहा, वही आज अनुमति लेने आया है, जो सख्त प्रशासनिक कार्रवाई के प्रभाव को दर्शाता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “अच्छा है- कानून का पालन करें लेकिन अगर किसी ने भी शर्तें तोड़ीं, तो कानून जो सज़ा कहता है, वही मिलेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि वही समूह, जिसने पहले ‘पथ संचलन’ जैसी गतिविधियों के लिए अनुमति न लेने की घोषणा की थी, अब प्रक्रिया का पालन करने को मजबूर है।

बिहार चुनाव के नतीजों और कांग्रेस के चुनावी आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंक खड़गे ने कहा कि पार्टी नेतृत्व सभी आंकड़ों की गहराई से समीक्षा करेगा। उन्होंने संकेत दिया कि चुनाव प्रक्रिया के कई पहलुओं—संस्थाओं की भूमिका, स्थानीय घटनाक्रम और व्यवहार—की भी जांच की जाएगी। खड़गे ने कहा कि “डेटा को एक-दो दिन दबाया जा सकता है, लेकिन अंत में आंकड़े खुद कहानी कहते हैं।” उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी अलंद, महादेवपुर, हरियाणा और महाराष्ट्र की कुछ घटनाओं पर पहले ही पर्याप्त सबूत इकट्ठा कर चुकी है।
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अंत में, केंद्रीय राजनीति में चल रही कैबिनेट फेरबदल की अटकलों पर भी खड़गे ने स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि यह सब सिर्फ मीडिया की कल्पना है। उन्होंने जोर देकर कहा, “कैबिनेट के अंदर ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है। यह सिर्फ बाहर की बात है, अंदर नहीं।” इस प्रकार, मंत्री प्रियंक खड़गे ने RSS से लेकर कांग्रेस की चुनावी रणनीति तक, कई महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी।











