नई दिल्ली, 7 सितंबर। देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) लागू करने की चुनाव आयोग की तैयारी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने खुला समर्थन दिया है। संघ का कहना है कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की दिशा में बेहद अहम कदम है।
RSS के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील अंबेडकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “चुनाव आयोग पहले भी ऐसी पहल करता रहा है। मतदाता सूची का समय-समय पर परीक्षण होना चाहिए। अगर किसी का नाम हट गया हो या शिकायत हो, तो उसके समाधान के लिए कानूनी रास्ते मौजूद हैं। यह पहल स्वागत योग्य है और देश में पारदर्शी व निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए ज़रूरी है।”
संघ की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठे अन्य मुद्दे
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ऑपरेशन सिंदूर में भाग लेने वाली महिला नेताओं को सम्मानित किया गया।
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पश्चिम बंगाल में बढ़ते अपराध और अवैध घुसपैठ पर चिंता जताई गई।
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मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने के सरकार के प्रयासों की सराहना की गई।
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नक्सल प्रभावित इलाकों में सुधार का दावा किया गया।
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लव जिहाद के मुद्दे पर लोगों को जागरूक करने की जरूरत पर जोर दिया गया।
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संघ ने स्पष्ट किया कि भाषा विवाद पर किसी भी प्रकार की हिंसा या धमकी का समर्थन नहीं किया जाएगा।
चुनाव आयोग की तैयारी
चुनाव आयोग 10 सितंबर को दिल्ली में देशभर के मुख्य चुनाव अधिकारियों की बैठक बुला रहा है। इसमें राज्यों की तैयारियों का प्रेजेंटेशन होगा और SIR को पूरे देश में लागू करने का ऐलान संभव है।
विपक्ष की आपत्तियां
दूसरी ओर, बिहार में SIR लागू होने के बाद विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा, “हम SIR के विरोधी नहीं हैं, लेकिन प्रक्रिया पर आपत्ति है। मजदूरी करने वाला आम आदमी या दूसरे राज्यों में काम करने वाला शख्स जरूरी दस्तावेज कहां से लाएगा? यह सुनिश्चित होना चाहिए कि सही लोगों के नाम वोटर लिस्ट से न कटें।”
RSS के समर्थन और विपक्ष की आपत्तियों के बीच अब सबकी निगाहें 10 सितंबर की बैठक पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद SIR को पूरे देश में लागू करने की आधिकारिक घोषणा हो सकती है।











