निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश के रीवा शहर में यूजीसी के समर्थन में निकाली गई रैली उस समय विवादों में घिर गई जब प्रदर्शन के दौरान आवागमन बाधित होने, ध्वनि प्रदूषण फैलाने और कथित अभद्र व्यवहार के आरोप सामने आए। इस मामले में एसडीएम की शिकायत पर सिविल लाइंस थाने में करीब 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
बिना अनुमति रैली और घंटों चला हंगामा
जानकारी के अनुसार, ओबीसी और एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा ने कॉलेज चौराहे से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने की योजना बनाई थी। आरोप है कि रैली के लिए स्थानीय प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई और कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद भी प्रदर्शनकारी कलेक्टर के आने की मांग पर अड़े रहे।
करीब 4 से 5 घंटे तक चले घटनाक्रम में सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही और डीजे बजने से परीक्षा समय में ध्वनि प्रदूषण की शिकायतें भी सामने आईं।
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वीडियो फुटेज के आधार पर पहचान प्रक्रिया
मामले को लेकर सीएसपी राजीव पाठक ने बताया कि पुलिस प्रदर्शन के दौरान बनाए गए फोटो-वीडियो की सूक्ष्म जांच कर रही है। जैसे-जैसे प्रदर्शनकारियों की पहचान सुनिश्चित होगी, आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है।
बाइट: राजीव पाठक, सीएसपी रीवा
प्रशासनिक स्तर पर बढ़ी सख्ती
घटना के समय कलेक्ट्रेट परिसर में एडीएम, एसडीएम सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन कलेक्टर के व्यस्त होने के कारण ज्ञापन नहीं दिया जा सका। इसके बाद घटनाक्रम ने विवाद का रूप ले लिया और देर रात पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और सार्वजनिक व्यवस्था बाधित करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।













