रीवा: रीवा शहर के चौराहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत बहुरीबांध गांव के एक युवक से ट्रेडिंग के नाम पर 31 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने साइबर टीम की मदद से इंदौर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में दबिश देकर नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इंदौर से पकड़ा गया ठगी गिरोह
पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन नोट गिनने की मशीनें, एक नेक्सॉन कार, करीब 51,500 रुपये नकद और 15 कीमती मोबाइल फोन जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बड़े स्तर पर निवेश के नाम पर लोगों को झांसा देता था।
भरोसा जीतने के लिए भेजे 10 लाख नकद
चौराहटा थाना प्रभारी आशीष मिश्रा ने बताया कि बहुरीबांध निवासी कौशल प्रसाद तिवारी ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्हें एक कथित ट्रेडिंग कंपनी से कॉल आया, जिसके बाद उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में 31 लाख रुपये जमा कर दिए। आरोपियों ने भरोसा बढ़ाने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, रीवा मुख्य शाखा के सामने एक अज्ञात व्यक्ति के माध्यम से 10 लाख रुपये नकद भिजवाए।
बाइट: आशीष मिश्रा, थाना प्रभारी, चौराहटा
प्रोसेसिंग फीस के नाम पर मांगे 13.5 लाख
इसके बाद गिरोह ने ट्रेडिंग में हुए कथित मुनाफे की शेष राशि दिलाने के नाम पर लगभग 13.5 लाख रुपये की प्रोसेसिंग फीस की मांग की। तभी पीड़ित को धोखाधड़ी का शक हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत की।
Read More : M.P विधानसभा बजट सत्र का आज 9वां दिन, स्कूलों की अव्यवस्था पर हंगामे के आसार
अंतरराज्यीय गिरोह होने की आशंका
पुलिस का मानना है कि यह एक बड़ा अंतरराज्यीय साइबर गिरोह हो सकता है। फिलहाल नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।रीवा पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस ट्रेडिंग स्कैम से जुड़े बड़े नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।











