रीवा : मध्यप्रदेश के रीवा शहर में वार्ड नंबर 8 स्थित आनंद नगर, नीम चौराहा के पास रहने वाले 52 परिवारों पर बेघर होने का गंभीर संकट मंडरा रहा है। प्रशासन द्वारा जारी किए गए 10 दिनों के भीतर स्थान खाली करने के नोटिस के बाद पूरे इलाके में चिंता और असमंजस का माहौल बन गया है।
पट्टा दिलाने के वादे पर उठे सवाल
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उन्हें वर्षों पहले भूमि का पट्टा दिलाने का आश्वासन दिया गया था। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान और बाद में जनप्रतिनिधियों ने पट्टा दिलाने का वादा किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नोटिस मिलने के बाद लोगों में वादाखिलाफी को लेकर नाराजगी बढ़ गई है।
तीन पीढ़ियों से बसे परिवारों की पीड़ा
परिवारों का कहना है कि वे पिछले करीब 70 वर्षों से यहां रह रहे हैं और उनकी तीन पीढ़ियां इसी स्थान पर पली-बढ़ी हैं। उन्होंने अपने घर बनाए, बिजली-पानी के कनेक्शन लिए और स्थानीय निकायों को कर भी अदा किया। ऐसे में अचानक जगह खाली करने का आदेश उनके लिए गहरे सदमे जैसा है।
पुनर्वास की मांग और आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय लोगों का दावा है कि बिना पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था के हटाया जाना उनके साथ अन्याय है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
अनिश्चितता के बीच सरकार की ओर टिकी नजरें
फिलहाल पूरे क्षेत्र में भय और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और सरकार इन 52 परिवारों को राहत देती है या दशकों पुराना उनका बसेरा उजड़ने की कगार पर पहुंच जाएगा।













