Encroachment Drive CG: धमतरी। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नकटी गांव में हुए हालिया भूमि विवाद के बाद अब धमतरी जिले के सुदूर ग्रामीण अंचल कोलियारी में भी अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक विधिक कार्रवाई को लेकर मंगलवार को भारी बवाल खड़ा हो गया। राजस्व विभाग द्वारा गांव के 50 से अधिक मकानों को खाली करने के लिए जारी किए गए कड़े अल्टीमेटम और विधिक नोटिस के बाद स्थानीय ग्रामीण पूरी तरह से आक्रोशित हो उठे।
अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत शासकीय भूमि का भौतिक सत्यापन करने पहुंची राजस्व विभाग की टीम को ग्रामीणों ने चारों तरफ से घेर लिया, जिसके चलते विधिक प्राधिकारियों और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस, नोकझोंक और विचलनात्मक स्थितियां निर्मित हो गईं। मौके पर कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
“निजी संस्थान को लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासन बना रहा विधिक दबाव”— ग्रामीणों का गंभीर आरोप
विरोध प्रदर्शन कर रहे कोलियारी गांव के पीड़ित परिवारों और प्रगतिशील नागरिकों का विधिक मत है कि जिला प्रशासन की यह पूरी कार्रवाई नियमों के विपरीत और दोषपूर्ण है। ग्रामीणों ने खुलकर आरोप लगाया कि:
“राजस्व विभाग के कुछ अधिकारी एक रसूखदार निजी संस्थान को बेसकीमती जमीन उपलब्ध कराने के लिए विधिक शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं। वर्षों से बसे हुए गरीब परिवारों पर जानबूझकर दबाव बनाया जा रहा है ताकि उन्हें उनके आशियाने से बेदखल किया जा सके। धमतरी के इस शांत अंचल में भी रायपुर के नकटी गांव जैसी दंडात्मक और दमनकारी स्थिति पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
“शासकीय भूमि पर किया गया है अवैध निर्माण, विधिक प्रक्रिया के तहत थमाया नोटिस”— राजस्व विभाग
दूसरी ओर, मौके पर उपस्थित राजस्व विभाग के उच्चाधिकारियों ने प्रशासनिक पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि संबंधित खसरा नंबरों की भूमि विधिक रूप से शासकीय घास भूमि और सार्वजनिक प्रयोजन के दर्ज अभिलेखों के अंतर्गत आती है। विभाग के मुताबिक, इस चिन्हित भूमि पर बिना किसी विधिक प्राधिकार के 50 से अधिक पक्के और कच्चे मकान बनाकर अतिक्रमण किया गया है।
नियमानुसार और छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (CG Land Revenue Code) के विधिक प्रावधानों के अंतर्गत ही सभी अतिक्रमणकारियों को बेदखली का पूर्व नोटिस और निर्धारित समयसीमा का अल्टीमेटम दिया गया है। नोटिस तामीली की विधिक सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने संगठित होकर शासकीय कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया।
जल्द घर खाली करने के कड़े निर्देश, मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
राजस्व प्राधिकारियों ने अपनी विधिक स्थिति स्पष्ट करते हुए दो टूक शब्दों में कहा है कि संबंधित पक्षों को दी गई समयसीमा के भीतर अतिक्रमित शासकीय भूमि को स्वतः खाली करना होगा, अन्यथा पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण (Demolition Drive) की विधिक दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इधर, ग्रामीणों ने भी विधिक मोर्चे पर लड़ाई लड़ने की रूपरेखा तैयार कर ली है। उन्होंने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि उनके पुनर्वास और विधिक पट्टों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया, तो वे राष्ट्रीय राजमार्ग चक्काजाम और कलेक्ट्रेट के घेराव सहित उग्र विधिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल, संपूर्ण कोलियारी क्षेत्र में भारी प्रशासनिक तनाव व्याप्त है और जिला पुलिस बल स्थिति पर लगातार विधिक नजर बनाए हुए है।







