Real Estate Raipur : रायपुर। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) में इस साल बिल्डरों की सुस्ती साफ दिख रही है। पिछले एक साल में केवल 105 प्रोजेक्ट ही पंजीकृत हो सके, जो पिछले पाँच वर्षों में सबसे कम संख्या है। इसकी मुख्य वजहें कलेक्टर गाइडलाइन में 30% छूट का खत्म होना और छोटे कृषि प्लॉटों के डायवर्सन पर प्रतिबंध हैं, जिससे कई नए प्रोजेक्ट रुक गए हैं।
Real Estate Raipur : प्रमुख कारण : छोटे प्लॉट डायवर्सन पर प्रतिबंध और गाइडलाइन छूट का हटना।
प्रोजेक्ट की संख्या : सिर्फ 105 (पांच वर्षों में सबसे कम)।
बिल्डर की सुस्ती और बाजार का रुझान
राज्य के बिल्डरों का मानना है कि रायपुर समेत पूरे प्रदेश में मकानों की माँग घटी है और आपूर्ति बढ़ गई है, जिससे नए निर्माण पर ब्रेक लग गया है।
डिमांड में बदलाव : खरीदारों का रुझान अब 15-35 लाख की यूनिट्स से हटकर करोड़ों के लग्जरी बंगलों और हाई-टेक सुविधाओं वाली कॉलोनियों की ओर बढ़ रहा है।
RERA की सख्ती : अवैध प्लॉटिंग और समय पर डिलीवरी को लेकर RERA की सख्ती ने भी बिल्डरों को सतर्क कर दिया है।
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हाउसिंग बोर्ड का असर
छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने पुरानी संपत्तियों पर 30% तक की छूट देकर बाजार में हलचल मचा दी है। बोर्ड ने इस योजना के तहत 500 करोड़ रुपये से अधिक की लगभग 2500 यूनिट्स बेची हैं। वर्षों से खाली पड़े सस्ते फ्लैट्स की उपलब्धता से मध्यम वर्ग बोर्ड की ओर आकर्षित हुआ है, जिससे निजी बिल्डरों की माँग पर और असर पड़ा है।











