Monday, September 21, 2026
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Ranchi Jharkhand : पहलगाम आतंकी हमले में बाल-बाल बचे मयंक ने बताई आपबीती….

Ranchi Jharkhand : पहलगाम आतंकी हमले में बाल-बाल बचे मयंक ने बताई आपबीती....
Ranchi Jharkhand : पहलगाम आतंकी हमले में बाल-बाल बचे मयंक ने बताई आपबीती....

रांची: Ranchi Jharkhand : झारखंड की राजधानी रांची से एक चौंकाने वाली लेकिन राहत भरी खबर सामने आई है। कांके निवासी और पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर मयंक कुमार मंगलवार को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले से बाल-बाल बच गए। हमले से ठीक आधे घंटे पहले ही मयंक अपनी पत्नी के साथ उस स्थान से होटल लौटे थे, जहां हमला हुआ।

Ranchi Jharkhand : सालगिरह मनाने पहुंचे थे कश्मीर

मयंक अपनी शादी की पहली सालगिरह पर पत्नी के साथ कश्मीर घूमने गए थे। वह पिछले एक सप्ताह से कश्मीर की वादियों का आनंद ले रहे थे। मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे मयंक पहलगाम की पहाड़ियों पर ट्रैकिंग के लिए निकले थे, जहां से वह करीब एक बजे वापस लौटे और सीधे अपने होमस्टे चले गए।

“हम नीचे उतरे और थोड़ी ही देर में चारों ओर सायरन गूंजने लगे” – मयंक

निशानेबाज़ डॉट कॉम से बात करते हुए मयंक ने कहा, “हमारे होटल पहुंचने के कुछ ही देर बाद चारों ओर से पुलिस की गाड़ियों के सायरन सुनाई देने लगे। शुरू में हमें समझ नहीं आया कि क्या हुआ है। होटल स्टाफ ने बताया कि ऊपर पहाड़ियों की तरफ कुछ अनहोनी हुई है, फिर बाद में पता चला कि आतंकी हमला हुआ है। अगर हम थोड़ी देर और ऊपर रुके होते, तो पता नहीं क्या हो जाता।”

सन्नाटे और डर के साये में बीती शाम

मयंक ने बताया कि हमले के बाद पहलगाम में सन्नाटा पसर गया। सुरक्षा बलों की गाड़ियां हर ओर दिखने लगीं और पर्यटकों को बाहर निकलने से रोक दिया गया। “हम जहां रुके थे, वहां के स्थानीय लोगों ने हौसला बढ़ाया, लेकिन डर अब भी बना हुआ है,” मयंक ने बताया।

श्रीनगर रवाना होने की तैयारी

मयंक ने बताया कि वह बुधवार सुबह श्रीनगर के लिए रवाना हो जाएंगे। फिलहाल वे पूरी तरह सुरक्षित हैं लेकिन मानसिक रूप से झकझोर देने वाली इस घटना को कभी नहीं भूल पाएंगे।

“मारे गए लोगों के लिए दिल से दुखी हूं, ये एक कायराना हरकत थी” – मयंक

मयंक ने इस हमले को ‘आतंकियों की कायराना हरकत’ करार दिया और मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि “जो कुछ मैंने देखा और महसूस किया, उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। मेरी किस्मत थी जो मैं और मेरी पत्नी सुरक्षित होटल लौट आए।”

दिल्ली की एक निजी आईटी कंपनी में कार्यरत हैं मयंक

मयंक वर्तमान में दिल्ली की एक निजी कंपनी में कंप्यूटर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। वह पहली बार कश्मीर गए थे और उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी छुट्टियां इस तरह के भयावह अनुभव में बदल जाएंगी।

संवाददाता – मनीषा सिन्हा की रिपोर्ट: बने रहिये nishaanebaz.com के साथ

 

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