SP Ankita Sharma: राजनांदगांव। हाई स्कूल ग्राउंड में बच्चों के बीच हुए विवाद के बाद पुलिस के संपर्क में आए 10 वर्षीय बच्चे की पारिवारिक परिस्थितियों ने पुलिस अधिकारियों को भी भावुक कर दिया। कम उम्र में पिता को खोने के बाद मां के चले जाने से बच्चा अकेला पड़ गया था। देखरेख और सहारे के अभाव में वह धीरे-धीरे नशे की गिरफ्त में आ गया। मामले की जानकारी मिलने पर SP अंकिता शर्मा ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्चे के भविष्य को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
दरअसल, 9 अगस्त की शाम हाई स्कूल ग्राउंड में बच्चों के बीच विवाद हुआ था। मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद बालक को नियमानुसार पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने जब उसकी पारिवारिक और सामाजिक पृष्ठभूमि की जानकारी जुटाई तो सामने आया कि बच्चा बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है।
पिता की हत्या के बाद मां ने भी छोड़ा
पुलिस के मुताबिक, कई साल पहले एक हत्या की घटना में बच्चे ने अपने पिता को खो दिया था। इसके बाद उसकी मां भी उसे छोड़कर चली गई। माता-पिता का साथ छूटने के बाद बच्चे की देखभाल करने वाला कोई नहीं रहा।
सहारे और उचित मार्गदर्शन के अभाव में बच्चा नशे की ओर बढ़ गया। धीरे-धीरे इसका असर उसके व्यवहार पर भी दिखाई देने लगा और वह छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद करने लगा।
SP ने कानूनी कार्रवाई के साथ बच्चे के भविष्य को दी प्राथमिकता
मामले की जानकारी राजनांदगांव SP अंकिता शर्मा को मिलने के बाद उन्होंने इसे केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चे के सर्वोत्तम हित, सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाने को कहा।
SP के निर्देश पर डोंगरगढ़ थाना प्रभारी, प्रशिक्षु DSP सुमन जायसवाल और पुलिस टीम ने बालक को बाल कल्याण समिति, राजनांदगांव के समक्ष पेश किया। यहां बच्चे की काउंसलिंग कराई गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
रायपुर के नशामुक्ति केंद्र में कराया दाखिला
बच्चे को नशे की लत से बाहर निकालने और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रायपुर स्थित नई उम्मीद नशामुक्ति केंद्र में उसका दाखिला कराया गया। डोंगरगढ़ पुलिस की टीम बच्चे को स्वयं केंद्र तक लेकर गई और उसे सुरक्षित रूप से वहां सुपुर्द किया।
SP Ankita Sharma: पुलिस की पहल से बच्चे को मिली नई उम्मीद
SP Ankita Sharma: डोंगरगढ़ पुलिस की इस पहल ने यह संदेश दिया है कि पुलिस की भूमिका केवल अपराध और कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है। जरूरत पड़ने पर पुलिस संवेदनशीलता के साथ कमजोर और बेसहारा बच्चों के भविष्य को संवारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
SP Ankita Sharma: अब 10 वर्षीय बच्चे को सुरक्षित माहौल, काउंसलिंग और नशामुक्ति के जरिए सामान्य जीवन की ओर लौटने का अवसर मिल रहा है। पुलिस की इस पहल से उसके जीवन में एक नई शुरुआत की उम्मीद जगी है।





