Raipur Cyber Crime Raid 2026 : रायपुर (26 मार्च 2026)। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट (ACCU) ने इंटेलिजेंस बेस्ड ऑपरेशन के तहत शहर में अवैध रूप से संचालित 03 अंतर्राष्ट्रीय कॉल सेंटरों को ध्वस्त कर दिया है। ये कॉल सेंटर गंज क्षेत्र के पिथालिया कॉम्प्लेक्स और न्यू राजेंद्र नगर के अंजनी टॉवर में गुपचुप तरीके से चल रहे थे।
गिरफ्तारी और जप्ती का विवरण
पुलिस ने इस कार्रवाई में सुपरवाइजरों सहित कुल 42 आरोपियों को दबोचा है। पकड़े गए आरोपी गुजरात, यूपी, राजस्थान, बिहार, हरियाणा और पंजाब जैसे विभिन्न राज्यों के निवासी हैं। इनके कब्जे से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जप्त किए गए हैं:
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मोबाइल फोन: 67 नग
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लैपटॉप: 18 नग
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कंप्यूटर सेट: 28 नग
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कुल मशरूका: लगभग 16,53,000 रुपये
ठगी का ‘इंटरनेशनल’ तरीका (Modus Operandi)
यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से 06 चरणों में ठगी को अंजाम देता था। गिरोह के सदस्य खुद को बैंक प्रतिनिधि बताकर अमेरिकी नागरिकों को ‘लोन’ और ‘सिबिल सुधार’ का झांसा देते थे।
ठगी के 06 मुख्य चरण:
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डेटा प्राप्त करना: टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए अमेरिका के उन लोगों का डेटा निकाला जाता था जिन्होंने लोन के लिए आवेदन किया था।
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विश्वास जीतना: आरोपियों द्वारा लोन और सिबिल सुधारने का आश्वासन देकर पीड़ित की बैंकिंग डिटेल ले ली जाती थी।
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फर्जी चेक का खेल (Technical Group): चीन में बैठा टेक्निकल ग्रुप पीड़ित के खाते में ‘क्लोंड चेक’ के जरिए छोटी राशि (जैसे 100 डॉलर) डालता था। विदेशी बैंक छोटी राशि होने के कारण तुरंत पैसे खाते में क्रेडिट कर देते थे।
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गिफ्ट कार्ड की मांग: जैसे ही पीड़ित के खाते में पैसे दिखते, आरोपी उसे कॉल कर कहते कि हमने आपका सिबिल सुधार दिया है। अब यह राशि ‘गिफ्ट कार्ड’ (Amazon, Apple, Google) के रूप में वापस करें।
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रुपये में बदलना (Redeem Group): पीड़ित द्वारा भेजे गए गिफ्ट कार्ड के कोड को चीन और भारत के बड़े शहरों में बैठे ग्रुप तुरंत कैश में तब्दील कर लेते थे।
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हवाला के जरिए भुगतान: ठगी की अंतिम राशि हवाला के माध्यम से गुजरात (अहमदाबाद) में बैठे मुख्य मास्टर माइंड तक पहुँचती थी।
पुलिस टीम और कानूनी कार्रवाई
यह सफल कार्यवाही पुलिस उपायुक्त स्मृतिक राजनाला (क्राईम), उमेश प्रसाद गुप्ता (मध्य जोन) और संदीप पटेल (पश्चिम जोन) के मार्गदर्शन में की गई।
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दर्ज मामले: आरोपियों के खिलाफ थाना गंज (अपराध क्र. 83/26) और थाना न्यू राजेन्द्र नगर (अपराध क्र. 131/26) में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और IT एक्ट (66C, 66D) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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मास्टरमाइंड: गिरोह के दो मुख्य संचालक गुजरात निवासी हैं, जिनकी तलाश जारी है।











