Raigarh Violence : रायगढ़। जिले का तमनार क्षेत्र शनिवार को उस वक्त रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब कोल ब्लॉक जनसुनवाई का विरोध कर रहे ग्रामीणों और पुलिस के बीच भीषण हिंसक झड़प हो गई। लिबरा में चल रहा आंदोलन दोपहर होते-होते इतना उग्र हो गया कि करीब 1000 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल पर चारों तरफ से पथराव शुरू कर दिया।
इस हमले में एसडीओपी अनिल विश्वकर्मा और तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम सहित दर्जनों पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उपद्रवियों ने न केवल पुलिस की बस, जीप और एम्बुलेंस को आग के हवाले कर दिया, बल्कि जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट (CHP) में घुसकर कन्वेयर बेल्ट और दफ्तरों में जमकर तोड़फोड़ व आगजनी की।
विवाद की जड़ 8 दिसंबर को हुई सेक्टर-1 कोल ब्लॉक की जनसुनवाई है, जिसे 14 गांवों के ग्रामीण ‘फर्जी’ बताकर पिछले दो सप्ताह से धरने पर बैठे थे। शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे जब पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर भीड़ को रोकने की कोशिश की, तो माहौल अचानक बिगड़ गया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण थी कि मौके पर पहुंचे रायगढ़ कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP) और लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार की मौजूदगी में भी उपद्रवियों ने पत्थरबाजी बंद नहीं की। वर्तमान में पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया गया है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है।













