Raigarh News: 88 साल के पिता और बुजुर्ग मां की देखभाल नहीं करने का आरोप, बेटे के खिलाफ पुलिस ने उठाया कदम

Sanjay Sahu
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Raigarh News: गौरी शंकर गुप्ता/ रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के समक्ष 10 अक्टूबर को 88 वर्षीय सेवानिवृत्त लैब असिस्टेंट श्री बैजनाथ पटनायक एवं उनकी पत्नी श्रीमती साहेबानी पटनायक ने अपने इकलौते जीवित पुत्र खीरसागर पटनायक द्वारा उनकी तथा दिव्यांग बेटी की देखभाल नहीं किए जाने की शिकायत प्रस्तुत की। बुजुर्ग दंपति ने बताया कि उनके दो बेटे और एक बेटी हैं। छोटे बेटे का निधन हो चुका है और उसकी पत्नी मायके में रहती हैं। वृद्धावस्था के कारण दोनों पति-पत्नी दैनिक कार्य स्वयं करने में असमर्थ हैं। उनका आरोप है कि पुत्र उन्हें भोजन-पानी और बीमारी की स्थिति में उचित उपचार उपलब्ध नहीं कराता तथा घर-जमीन के बंटवारे की मांग करते हुए उन्हें घर से निकल जाने के लिए विवाद करता है।

Raigarh News: बुजुर्ग दंपति की पीड़ा को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने थाना प्रभारी चक्रधरनगर को मामले में उचित वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देश पर चक्रधरनगर पुलिस ने खीरसागर पटनायक को थाने बुलाया, जहां शिकायतकर्ता दंपति भी उपस्थित हुए। इसी दौरान श्रीमती साहेबानी पटनायक की तबीयत बिगड़ गई, जिस पर पुलिस ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

Raigarh News: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उप निरीक्षक श्री गेंदलाल साहू, एएसआई आशिक रात्रे ने खीरसागर पटनायक को कड़ी समझाइश देते हुए माता-पिता के प्रति उनके नैतिक एवं कानूनी दायित्वों से अवगत कराया। पुलिस ने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण से संबंधित अधिनियम, 2007 के तहत आगे की कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन एसडीएम रायगढ़ को प्रेषित किया है। अब संबंधित प्राधिकारी द्वारा दोनों पक्षों को सुनकर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। रायगढ़ पुलिस ने अपील की है कि परिवार के बुजुर्ग सदस्यों की देखभाल, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है तथा उनकी उपेक्षा की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।

Raigarh News: एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश

Raigarh News: “माता-पिता की सेवा और देखभाल करना प्रत्येक संतान का नैतिक दायित्व है। बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील रहें और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर दें। अपने दायित्वों की अनदेखी कर उन्हें असहाय और उपेक्षित जीवन जीने के लिए मजबूर न करें, माता-पिता के भरण-पोषण एवं संरक्षण के लिए कानून में प्रावधान है, शिकायत पर ऐसे तत्वों पर कार्रवाई होगी

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