Minister OP Choudhary: रायपुर। दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में विदेशी ताकतों के इशारे पर अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है और भारत को बांग्लादेश या नेपाल जैसी स्थिति में ले जाने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने विरोध प्रदर्शन में शामिल राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा।
मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि सीजेपी, आम आदमी पार्टी और राहुल गांधी सहित अन्य नेताओं को विदेशी ताकतों के इशारों पर काम करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की जनता देश में चल रही गतिविधियों को अच्छी तरह समझती है।
एसआईआर को लेकर क्या बोले ओपी चौधरी?
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का समर्थन करते हुए मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि मतदाता सूची में गलत तरीके से दर्ज नामों को हटाया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, जिन मतदाताओं के नाम सही हैं, उन्हें सूची में नाम जुड़वाने या अपनी जानकारी दुरुस्त कराने के लिए बार-बार अवसर दिए जाते हैं।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मतदाता सूची में मृत व्यक्तियों और कथित घुसपैठियों के नाम होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसे लोगों को मतदाता सूची में बनाए रखना उचित है। चौधरी ने कहा कि एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है और कांग्रेस के शासनकाल में भी यह प्रक्रिया अपनाई गई थी।
बांग्लादेश और नेपाल का जिक्र क्यों?
दिल्ली में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर ओपी चौधरी ने बांग्लादेश और नेपाल का उदाहरण दिया। उन्होंने आशंका जताई कि भारत में भी इसी तरह की स्थिति पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
गौरतलब है कि बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर हुए छात्र आंदोलन के बाद 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद छोड़ दिया था। वहीं, नेपाल में सितंबर 2025 में जेन-जी के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया था।
Minister OP Choudhary: ओपी चौधरी ने इन घटनाओं का उल्लेख करते हुए भारत में जारी विरोध प्रदर्शनों पर सवाल उठाए। हालांकि, भारत में हो रहे प्रदर्शन और इन पड़ोसी देशों में हुए आंदोलनों के बीच समानता को लेकर उनका बयान एक राजनीतिक आरोप है।


