रायगढ़: खरसिया थाना क्षेत्र के ठुसेकेला राजीव नगर में एक ही परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्या का मामला पुलिस ने उजागर कर दिया है। पड़ोसी लकेश्वर पटेल और एक नाबालिग ने मिलकर बुधराम उरांव (42), उनकी पत्नी सहोद्रा (37) और दो बच्चों अरविंद (12) और शिवांगी (5) की हत्या की थी। पुलिस के अनुसार, वारदात का प्रमुख कारण पति-पत्नी के बीच अफेयर का शक और पड़ोसी के साथ चल रही जमीन को लेकर विवाद था।
घटना का भयानक स्वरूप
जानकारी के मुताबिक, 11 सितंबर को ग्रामवासियों ने पुलिस को सूचना दी कि बुधराम का घर अंदर से बंद है और बदबू आ रही है। एसपी दिव्यांग पटेल के नेतृत्व में एफएसएल, फिंगरप्रिंट, डॉग स्क्वाड और बीडीएस टीम मौके पर पहुंची। जांच में शव बाड़ी में बने खाद के गड्ढे से बरामद हुए। पुलिस ने पाया कि मृतकों पर धारदार हथियार से हमला किया गया था।
आरोपी का जुर्म कबूलना
पड़ोसी लकेश्वर पटेल पर संदेह के बाद पूछताछ में उसने जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह राजमिस्त्री का काम करता है और बुधराम भी उसी पेशे से जुड़े थे। दोनों के बीच पिछले छह माह से जमीन और पारिवारिक विवाद चल रहा था। लकेश्वर का कहना है कि वह बुधराम की जमीन खरीदना चाहता था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसके अलावा, लकेश्वर के बेटे द्वारा छह माह पहले हुई चोरी ने तनाव और बढ़ा दिया।
वारदात की योजना और अंजाम
जांच में सामने आया कि लकेश्वर ने बुधराम के घर की रेकी की थी और मौके की तलाश में था। आरोपी ने बताया कि 9 सितंबर की रात उसने बुधराम को नशे में देखा और उसी रात योजना के अनुसार नाबालिग के साथ मिलकर घर में घुसा। सोते हुए परिवार पर धारदार हथियार से हमला किया और हत्या के बाद शवों को बाड़ी में खदेड़कर खाद के गड्ढे में दफन कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों से पूरा री-क्रिएशन कराया और हथियार सहित अन्य साक्ष्य जब्त किए। आरोपी लकेश्वर पटेल और नाबालिग को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेंज आईजी डॉ. संजीव शुक्ला ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और जांच तेज करने के निर्देश दिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला पड़ोसी विवाद, अविश्वास और व्यक्तिगत रंजिश का घातक नतीजा है। नाबालिग का शामिल होना इस घटना को और भयावह बनाता है। पुलिस इस हत्याकांड के पीछे की पूर्व नियोजित साजिश और मानसिक तत्परता की जांच कर रही है।
एसपी दिव्यांग पटेल ने कहा, “यह हत्याकांड समाज और प्रशासन के लिए चेतावनी है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समुदाय और पुलिस को मिलकर सतर्क रहना होगा।”











