Raigarh Education Department : गौरी शंकर गुप्ता/लैलूंगा (रायगढ़): जनपद पंचायत लैलूंगा के ग्राम पंचायत चोरगा में शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतरती नजर आ रही है। यहाँ के शासकीय प्राथमिक शाला में पदस्थ प्रधान पाठक संजय उरांव के खिलाफ सरपंच और ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान पाठक न केवल अपनी ड्यूटी के प्रति लापरवाह हैं, बल्कि वे विद्यालय की गरिमा और बाल अधिकारों का भी उल्लंघन कर रहे हैं।
ग्राम पंचायत चोरगा द्वारा विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और जनपद सीईओ को सौंपे गए लिखित आवेदन में सनसनीखेज खुलासे किए गए हैं। पत्र के अनुसार, प्रधान पाठक संजय उरांव अक्सर स्कूल समय पर उपस्थित नहीं होते। ग्रामीणों का दावा है कि वे केवल मध्याह्न भोजन यानी मिड-डे मील के समय औपचारिकता निभाने स्कूल पहुँचते हैं और कुछ ही देर में वापस लौट जाते हैं।
इतना ही नहीं, शिकायत में यह भी उल्लेख है कि प्रधान पाठक द्वारा मासूम स्कूली बच्चों से विद्यालय में कार्य कराया जाता है, जो सीधे तौर पर बाल श्रम और शिक्षा के अधिकार (RTE) के नियमों का उल्लंघन है। इस पूरे मामले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
ग्राम पंचायत चोरगा की सरपंच फूलमती पैंकरा ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने अपने हस्ताक्षरित पत्र में कहा है कि यदि इस अनुशासनहीनता और लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रधान पाठक को नहीं हटाया गया, तो पंचायत और ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक की इस कार्यशैली से उनके बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है।
अब सबकी नज़रें जनपद पंचायत लैलूंगा और शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर टिकी हैं। क्या प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेकर कार्रवाई करेगा, या फिर चोरगा के बच्चों का भविष्य इसी तरह ‘लंच ब्रेक’ की भेंट चढ़ता रहेगा?











