नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 से 12 जनवरी तक अपने तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर रहेंगे। यह दौरा आस्था, बुनियादी ढांचे के विकास और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति—तीनों को एक साथ जोड़ने वाला माना जा रहा है। सोमनाथ महादेव के दर्शन से शुरू होकर अहमदाबाद में भारत-जर्मनी रणनीतिक वार्ता तक, यह यात्रा कई अहम संदेश देने वाली है।
सोमनाथ में आस्था और परंपरा का सम्मान
प्रधानमंत्री मोदी 10 जनवरी की शाम विश्वप्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर पहुंचेंगे। यहां वे भगवान सोमनाथ की पूजा-अर्चना करेंगे और मंदिर परिसर में आयोजित ‘ओंकार मंत्र जाप’ में भाग लेंगे। इसके बाद आध्यात्मिक विरासत और आधुनिक तकनीक के मेल के रूप में आयोजित ड्रोन शो का अवलोकन करेंगे, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण होगा।
शौर्य यात्रा और स्वाभिमान पर्व में सहभागिता
11 जनवरी की सुबह पीएम मोदी ‘शौर्य यात्रा’ में शामिल होंगे। यह यात्रा सोमनाथ मंदिर की रक्षा में बलिदान देने वाले वीर योद्धाओं को समर्पित है। इसके बाद वे ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे, जहां सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय स्वाभिमान का संदेश दिया जाएगा।
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राजकोट में निवेश और रोजगार पर फोकस
सोमनाथ के बाद प्रधानमंत्री राजकोट पहुंचेंगे। यहां वे कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित ‘वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन’ का उद्घाटन करेंगे। मारवाड़ी विश्वविद्यालय में होने वाले इस कार्यक्रम में पीएम मोदी व्यापार प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे और निवेश, उद्योग तथा रोजगार सृजन को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं साझा करेंगे।
अहमदाबाद में बुनियादी ढांचे को नई गति
11 जनवरी की शाम प्रधानमंत्री अहमदाबाद में मेट्रो फेज-2 के नए सेक्शन का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही साबरमती आश्रम पुनर्विकास परियोजना की प्रगति की समीक्षा करेंगे। इसके बाद वे गांधीनगर राजभवन में रात्रि विश्राम करेंगे।
भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी पर विशेष जोर
12 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी अहमदाबाद में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का स्वागत करेंगे। दोनों नेता साबरमती आश्रम जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे और अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। दौरे का समापन गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता के साथ होगा।













