Iran में उबाल चरम पर! 14 दिन में 217 मौतें, देशभर में इंटरनेट बंद, 5 लाख प्रदर्शनकारी सड़कों पर

Rahul Goshwami

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : ईरान में राजनीतिक और सामाजिक संकट लगातार गहराता जा रहा है। बीते दो हफ्तों से जारी विरोध प्रदर्शनों ने अब हिंसक रूप ले लिया है। देशभर में धार्मिक नेतृत्व और सत्ता प्रतिष्ठान के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। हालात को काबू में करने के लिए ईरानी सरकार ने पूरे देश में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं।

महंगाई से शुरू होकर सत्ता विरोध तक पहुंचा आंदोलन

इस आंदोलन की शुरुआत 29 दिसंबर 2025 को ईरानी रियाल की भारी गिरावट, महंगाई और बेरोजगारी के विरोध से हुई थी। पहले व्यापारियों ने तेहरान के बाजारों में दुकानें बंद कर विरोध जताया, फिर विश्वविद्यालयों के छात्र भी सड़कों पर उतर आए। धीरे-धीरे यह आंदोलन आर्थिक मुद्दों से आगे बढ़कर सीधे सरकार और धार्मिक नेतृत्व के खिलाफ जनआक्रोश में बदल गया।

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कई शहरों में हिंसा, राजधानी सबसे ज्यादा प्रभावित

तेहरान के अलावा मशहद, कोम, इस्फ़हान, बुशहर, कजविन और वज्द जैसे शहरों में भी हिंसक झड़पें देखने को मिली हैं। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर आगजनी की और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। एक डॉक्टर ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया को बताया कि केवल तेहरान के छह अस्पतालों में अब तक कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है, जिनमें अधिकांश की मौत गोली लगने से हुई।

जान-माल का भारी नुकसान, हजारों घायल

अब तक 5 लाख से अधिक लोग इस आंदोलन में शामिल हो चुके हैं और देशभर में करीब 400 स्थानों पर प्रदर्शन हो रहे हैं। झड़पों में 14 सुरक्षा कर्मियों की भी जान गई है, जबकि 2,000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने करीब 2,300 लोगों को हिरासत में लिया है।

सरकारी ढांचे पर हमला, मेयर ने जताई चिंता

तेहरान के मेयर अलीरेज़ा ज़कानी ने कहा कि राजधानी में हुए दंगों से शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि एक अस्पताल, दो मेडिकल सेंटर, 26 बैंक, 25 मस्जिदें और 10 सरकारी इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके अलावा 48 फायर ट्रक, 42 बसें और कई अपार्टमेंट्स को नुकसान पहुंचा है। इमरजेंसी टीमें मरम्मत कार्य में जुटी हैं।

इंटरनेट बंद, कॉलेज और यूनिवर्सिटी ठप

हालात की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी हैं और कई शैक्षणिक संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। फिलहाल ईरान में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात पर नजर बनाए हुए है।

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