Wednesday, August 26, 2026
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Burhanpur DISHA Meeting : ताप्ती में गंदा पानी मिलने पर सांसद नाराज: अधिकारियों को दी नसीहत, जननी वाहन और बिजली सुधार पर दिए निर्देश

Burhanpur DISHA Meeting : बुरहानपुर। संयुक्त जिला कार्यालय में आयोजित दिशा समिति की बैठक उस समय गरमा गई जब खंडवा लोकसभा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों का पालन न होने और धरातल पर काम की सुस्त रफ़्तार को देखकर सांसद का पारा चढ़ गया। उन्होंने भरी बैठक में लापरवाह अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनहित के कार्यों में किसी भी तरह की खानापूर्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने विभागवार समीक्षा के दौरान पाया कि कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट केवल कागजों तक सीमित है। उन्होंने सख्त लहजे में अधिकारियों से सवाल किया कि क्या वे यहाँ सिर्फ औपचारिकता पूरी करने के लिए बैठे हैं? सांसद ने जोर देकर कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए और इसके लिए अधिकारियों को अपनी जवाबदेही तय करनी होगी।

बैठक का मुख्य केंद्र बुरहानपुर की ऐतिहासिक धरोहर कुंडी भंडारा रहा। सांसद ने इसकी मरम्मत में हो रही देरी और पर्यटकों के लिए लगी लिफ्ट के अक्सर बंद रहने पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि लिफ्ट को नियमित रूप से चालू रखा जाए। इसके साथ ही जलावर्धन योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने ताप्ती नदी में मिल रहे गंदे पानी के मुद्दे पर नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी।

विकसित भारत 2047 के विजन को ध्यान में रखते हुए सांसद ने ग्रामीण रोजगार, सड़क निर्माण और बिजली व्यवस्था जैसे बुनियादी ढांचों में सुधार के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उन्होंने जननी वाहनों की उपलब्धता और राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने साफ किया कि बिजली कटौती और सड़कों की खराब हालत जैसी शिकायतों का निराकरण समय सीमा के भीतर होना चाहिए।

सांसद की इस कड़ी फटकार के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप की स्थिति है। बैठक के समापन पर उन्होंने संदेश दिया कि अब फाइलों के बजाय जमीन पर काम दिखना चाहिए। दिशा समिति की इस बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

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