नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 दिसंबर को इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा पहुंचे, जहां उनका ऐतिहासिक और भव्य स्वागत किया गया। बीते 15 वर्षों में यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली इथियोपिया यात्रा है, जिसे भारत–अफ्रीका संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। अफ्रीकी महाद्वीप में कूटनीतिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में इथियोपिया की भूमिका को देखते हुए यह दौरा रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहा।
रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबिय अहमद अली के बीच उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक में दोनों देशों ने अपने संबंधों को औपचारिक रूप से ‘रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिया। इस फैसले के साथ भारत और इथियोपिया राजनीति, व्यापार, सुरक्षा, निवेश और विकास जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर सहमत हुए।
#WATCH प्रधानमंत्री मोदी ने इथियोपिया की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा, “इस शानदार बिल्डिंग में, आपके कानून बनते हैं, यहीं लोगों की मर्ज़ी राज्य की मर्ज़ी बनती है, और जब राज्य की मर्ज़ी लोगों की मर्ज़ी से मिलती है, तो परियोजनाओं का पहिया आगे बढ़ता है। आपके ज़रिए,… pic.twitter.com/OlwQKJGFFk
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 17, 2025
इथियोपियाई संसद को किया संबोधित
प्रधानमंत्री मोदी ने इथियोपिया की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए दोनों देशों की ऐतिहासिक मित्रता और सांस्कृतिक समानताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के मंदिर में आकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है और वे 140 करोड़ भारतीयों की शुभकामनाएं लेकर आए हैं। उन्होंने लोगों से लोगों के रिश्तों को दोनों देशों के संबंधों की सबसे बड़ी ताकत बताया।
सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजे गए
इथियोपिया सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी को देश के सर्वोच्च सम्मान ‘द ग्रेट ऑनर ऑफ निशां ऑफ इथियोपिया’ से सम्मानित किया। यह सम्मान पाने वाले वे पहले वैश्विक नेता बने। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि यह सम्मान पूरे भारत के लिए गर्व की बात है और दोनों देशों की मित्रता का प्रतीक है।
संस्कृति और भावनाओं की समानता
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के ‘वंदे मातरम्’ और इथियोपिया के राष्ट्रगान का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश अपनी मातृभूमि को मां का दर्जा देते हैं। उन्होंने इथियोपिया और भारत की गर्मजोशी भरी जलवायु और भावनात्मक जुड़ाव की भी तुलना की।
पुराने रिश्तों की मजबूत नींव
भारत और इथियोपिया के संबंध दशकों पुराने हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्माण और तकनीकी सहयोग में भारत की भूमिका अहम रही है। आज भी बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवर इथियोपिया में कार्यरत हैं, जो द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूती दे रहे हैं।











