panna News :पन्ना/ शुभम रिछारिया : आज़ादी के 75 साल बाद भी, विकास की किरणें पवई जनपद की ग्राम पंचायत बिल्हा तक नहीं पहुँच पाई हैं। यहाँ के ग्रामीण आज भी एक अदद सड़क के लिए तरस रहे हैं। यह समस्या विशेष रूप से बिल्हा से मात्र 3 किलोमीटर दूर स्थित माध्यमिक शाला पिपरिया पहुँच मार्ग पर विकराल रूप ले लेती है, जहाँ कीचड़ और दलदल से भरी सड़क से होकर छात्रों को जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ता है। बरसात के मौसम में तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं। सड़क पूरी तरह से कीचड़ और पानी में डूब जाती है, जिससे स्कूल जाना लगभग नामुमकिन हो जाता है। इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है, क्योंकि वे कई-कई दिनों तक स्कूल नहीं जा पाते।
panna News :जान जोखिम में डालकर मुख्य मार्ग तक पहुँचने की मजबूरी केवल छात्रों को ही नहीं, बल्कि ग्रामवासियों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.वहीं ग्राम वासियो ने बताया कि गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को भी इसी कीचड़-भरी और दलदल युक्त सड़क से होकर मुख्य मार्ग तक पहुँचना पड़ता है। कई बार तो एंबुलेंस भी गाँव तक नहीं पहुँच पाती, जिससे आपातकालीन स्थिति में ग्रामीणों को खासी परेशानी झेलनी पड़ती है।
panna News :ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन से गुहार लगाई है, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। स्थानीय नेताओं और अधिकारियों के आश्वासन केवल आश्वासन बनकर रह गए हैं। बिल्हा गाँव के लोग अब सरकार से ठोस कदम उठाने और जल्द से जल्द सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें इस दयनीय स्थिति से मुक्ति मिल सके.













