Pandit Shubham Krishna Maharaj : राजनांदगांव। अध्यात्म और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में छोटी उम्र में बड़ी ख्याति प्राप्त करने वाले पंडित शुभम कृष्ण महाराज के आकस्मिक निधन से पूरे छत्तीसगढ़ सहित देश के धार्मिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। राजनांदगांव जिले के छोटे से गांव तुमडीबोड़ में जन्मे 31 वर्षीय शुभम कृष्ण महाराज ने न केवल भारत, बल्कि नेपाल और भूटान जैसे देशों में भी सनातन धर्म की विजय पताका फहराई थी।
ट्रेन में सफर के दौरान आया हार्ट अटैक: मिली जानकारी के अनुसार, महाराज जी प्रवचन के सिलसिले में कुर्ला एक्सप्रेस से पश्चिम बंगाल के शालीमार जा रहे थे। सफर के दौरान बाथरूम के पास वे अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। रेलवे प्रशासन ने तत्काल मेडिकल इमरजेंसी के तहत इलाज की व्यवस्था की, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया जा रहा है। डॉक्टरों का मानना है कि उन्हें पूर्व में श्वसन संबंधी कोई समस्या रही होगी, जो अचानक घातक साबित हुई।
देवकीनंदन ठाकुर के प्रिय शिष्य और सनातन के ध्वजवाहक: प्रसिद्ध कथावाचक पंडित देवकीनंदन ठाकुर के शिष्य शुभम कृष्ण महाराज ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा तुमडीबोड़ के सरस्वती शिशु मंदिर से प्राप्त की थी। बचपन से ही अध्यात्म की ओर झुकाव होने के कारण वे देवकीनंदन ठाकुर के सानिध्य में आए और अपनी ओजस्वी वाणी से देश-विदेश में लोकप्रिय हो गए। हाल ही में 10 तारीख को राजनांदगांव के नंदई में उनका बड़ा प्रवचन कार्यक्रम संपन्न हुआ था।
दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि: उनके असामयिक निधन पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, सांसद संतोष पांडे, पूर्व सांसद मधुसूदन यादव, भरत वर्मा और नीलू शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश के शीर्ष मीडिया हाउसों ने उनके निधन की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। तुमडीबोड़ जैसे छोटे गांव का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाले इस युवा संत का जाना आध्यात्मिक क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है।











