Lawrence Bishnoi Gang : लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर साकेत कोर्ट का कड़ा रुख: डिस्चार्ज आरोपियों की बढ़ी मुश्किलें, दोबारा पेश होने का आदेश

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Lawrence Bishnoi Gang : नई दिल्ली: राजधानी की साकेत कोर्ट ने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े रंगदारी और फायरिंग के मामले में एक बड़ा कानूनी मोड़ ला दिया है। अदालत ने इस केस में पहले ‘डिस्चार्ज’ (मुक्त) किए गए आरोपियों को फिर से नोटिस जारी कर कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा दायर अपील और पुख्ता सबूतों के आधार पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है, जिससे बिश्नोई गैंग के नेटवर्क पर एक बार फिर कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है।

यह पूरा मामला दिल्ली के सनलाइट कॉलोनी थाना क्षेत्र में दर्ज दो गंभीर वारदातों से संबंधित है। पहली घटना 23 अप्रैल 2023 की है, जब कारोबारी रमनदीप सिंह के घर के बाहर दहशत फैलाने के उद्देश्य से बदमाशों ने 5 राउंड फायरिंग की थी। वहीं, दूसरा मामला 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने से जुड़ा है, जिसमें अनमोल बिश्नोई द्वारा व्हाट्सएप के जरिए धमकी देने का खुलासा हुआ था। जांच में सामने आया कि जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई और संपत नेहरा ही इस पूरे संगठित अपराध सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहे थे।

क्राइम ब्रांच की जांच में शूटर्स और हथियार सप्लाई करने वाले अक्षय बिश्नोई, आशीष शर्मा और हरेन सारापडाडिया जैसे चेहरों की पहचान हुई थी। हालांकि, ट्रायल कोर्ट ने पहले रंगदारी के मामले में कुछ आरोपियों को राहत देते हुए डिस्चार्ज कर दिया था। दिल्ली पुलिस ने इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी, जहाँ सरकारी वकील अतुल श्रीवास्तव ने दलील दी कि यह एक सुनियोजित संगठित अपराध है और आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं।

अदालत ने राज्य की दलीलों को गंभीरता से लेते हुए अब सभी संबंधित आरोपियों को फिर से कानूनी प्रक्रिया के दायरे में ले लिया है। दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया है कि गैंगस्टरों के लॉजिस्टिक सपोर्ट और आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए उनका अभियान जारी रहेगा। साकेत कोर्ट के इस ताजा आदेश के बाद अब क्राइम ब्रांच इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और कड़ाई से करेगी, ताकि संगठित अपराध पर लगाम लगाई जा सके।

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