निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : पाकिस्तान अपनी हरकतों से एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर सवालों के घेरे में आ गया है। इस बार मामला सीधे पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता और इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (DG ISPR) के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी से जुड़ा है। एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जनरल चौधरी ने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया, उसने न सिर्फ सैन्य गरिमा को ठेस पहुंचाई, बल्कि पाकिस्तान की अंदरूनी बेचैनी भी उजागर कर दी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में गीदड़भभकी
प्रेस वार्ता के दौरान पाक जनरल ने भारत को लेकर बेहद आपत्तिजनक और उकसाने वाले शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि भारत कभी पाकिस्तान के अस्तित्व को स्वीकार नहीं करेगा और इसलिए पाकिस्तान को हर समय तैयार रहना चाहिए। इसके बाद उन्होंने “किधर से भी आओ” जैसी सड़क छाप भाषा का इस्तेमाल करते हुए खुली धमकी दे डाली। यह बयान किसी जिम्मेदार सैन्य अधिकारी की बजाय किसी उकसावेबाज़ तत्व जैसा लगा।
What type of example Aaaaamd force is using?
“Ek Baar maza naa kara diaa to paise wapas” 🤣 pic.twitter.com/FcRw8A629b
— Lala (@FabulasGuy) January 6, 2026
मर्यादा भूलते पाक सेना के प्रवक्ता
सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी देश के सेना प्रवक्ता के लिए एक तय कूटनीतिक और भाषाई मर्यादा होती है। DG ISPR की यह बयानबाज़ी दिखाती है कि पाकिस्तान की सेना भीतर ही भीतर दबाव और असुरक्षा के दौर से गुजर रही है। यह पहली बार नहीं है जब अहमद शरीफ चौधरी विवादों में आए हों। इससे पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकार की ओर आंख मारने का उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसे लेकर उन्हें भारी आलोचना झेलनी पड़ी थी।
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बयान में झलकती सैन्य बेचैनी
सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान सेना इस समय कई मोर्चों पर दबाव में है—आर्थिक संकट, आंतरिक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय मंच पर घटता भरोसा। ऐसे में भारत विरोधी आक्रामक बयानबाज़ी को सेना का मनोबल बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, बदली हुई भाषा और आक्रामक तेवर यह संकेत देते हैं कि हालात सामान्य नहीं हैं।
पहले भी कर चुका है ऐसी बयानबाज़ी
DG ISPR की प्रेस कॉन्फ्रेंस आमतौर पर भारत विरोध तक सीमित रहती थी, लेकिन इस बार शब्दों की मर्यादा पूरी तरह टूटती नजर आई। इससे पहले भी पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी इस तरह के बयान देते रहे हैं, जो अक्सर उनकी हताशा और बौखलाहट को ही उजागर करते हैं।













