Operation Ankush : गौरी शंकर गुप्ता/जशपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में अंधविश्वास और टोनही प्रताड़ना के खिलाफ पुलिस ने ‘ऑपरेशन अंकुश’ के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। दुलदुला थाना क्षेत्र के ग्राम भिंजपुर में एक मृत महिला को जिंदा करने का ढोंग रचने और फिर अपनी विफलता छुपाने के लिए एक अन्य महिला पर ‘टोनही’ का आरोप लगाने वाले दो फरार बैगाओं को पुलिस ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों के नाम रत्थू राम चौहान (53 वर्ष) और विरनची महतो (63 वर्ष) हैं।
Operation Ankush : मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि ग्राम भिंजपुर निवासी सुनीता भगत की रायपुर से लौटने के बाद बीमारी से मौत हो गई थी। परिजनों को शक था कि उसकी मौत किसी की नजर लगने से हुई है। इस अंधविश्वास के चलते उन्होंने रायगढ़ के तांत्रिकों से संपर्क किया। आरोपियों ने तंत्र-मंत्र के जरिए मृतिका को जिंदा करने का दावा किया और परिजनों से मोटी रकम वसूल ली। जब घंटों के तंत्र-मंत्र के बाद भी मृतिका जिंदा नहीं हुई, तो अपनी पोल खुलते देख बैगाओं ने गांव की ही एक महिला, फौसी बाई पर ‘टोनही’ होने का झूठा आरोप मढ़ दिया।
Operation Ankush : बैगाओं की बातों में आकर मृतिका के परिजनों ने फौसी बाई के साथ बुरी तरह मारपीट की। पीड़िता की रिपोर्ट पर दुलदुला पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं और टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस इस मामले में पहले ही दो बैगाओं समेत 8 आरोपियों को जेल भेज चुकी थी, लेकिन रत्थू राम और विरनची महतो फरार चल रहे थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित कर आरोपियों को उनके गृह ग्राम लेंथरा (सारंगढ़) से घेराबंदी कर पकड़ा गया।
Operation Ankush : पुलिस ने आरोपियों के पास से तंत्र-मंत्र में इस्तेमाल की जाने वाली बंदर की हड्डी और अन्य संदिग्ध सामग्रियां भी जब्त की हैं। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
Operation Ankush : एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस घटना के बाद ग्रामीणों से कड़ी अपील की है। उन्होंने कहा कि टोनही जैसा अंधविश्वास न केवल समाज के लिए अभिशाप है, बल्कि यह गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी बीमारी या मृत्यु के मामले में तांत्रिकों के चक्कर में न पड़ें और वैज्ञानिक सोच अपनाएं।













