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Chhattisgarh Health : नकली दवाओं और मिलावट पर वार : केंद्र और राज्य मिलकर बढ़ाएंगे खाद्य एवं औषधि परीक्षण की क्षमता

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Chhattisgarh Health : रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और चिकित्सा बुनियादी ढांचे के विस्तार को लेकर केंद्र सरकार ने निर्णायक पहल की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने मंगलवार को नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य स्थिति की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री ने दो टूक कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार केवल विस्तार तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह परिणाम आधारित होना चाहिए ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं पहुँच सकें।

बैठक में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश की जरूरतों को प्रमुखता से रखते हुए राज्य के 8 मेडिकल कॉलेजों के लिए पृथक अस्पतालों की स्थापना की महत्वपूर्ण मांग रखी। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि मेडिकल कॉलेजों के साथ स्वतंत्र अस्पतालों के होने से मरीजों के उपचार और शोध कार्यों में तेजी आएगी। केंद्रीय मंत्री नड्डा ने छत्तीसगढ़ द्वारा अब तक की गई प्रगति की सराहना की और मानव संसाधन व अतिरिक्त बुनियादी ढांचे के लिए केंद्र की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।डीसीजीआई ने दवा आपूर्ति श्रृंखला ट्रेसेबिलिटी के लिए नए दिशानिर्देश पेश किए

समीक्षा के दौरान जे.पी. नड्डा ने ‘टीबी मुक्त भारत’ के लक्ष्य पर विशेष जोर दिया। उन्होंने घोषणा की कि टीबी कार्यक्रम को मजबूती प्रदान करने के लिए राज्यों को 146 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जोखिमग्रस्त आबादी में एक्स-रे आधारित जांच में तेजी लाई जाए और अधिक से अधिक ‘निक्षय मित्र’ बनाकर क्षय रोगियों को पोषण सहायता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, कैंसर उपचार को सुलभ बनाने के लिए सभी जिलों में डे-केयर कीमोथेरेपी सेवाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) में कमी लाने के लिए निगरानी तंत्र को और सख्त करने पर चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि गैर-संचारी रोगों की 100 प्रतिशत स्क्रीनिंग लक्ष्य आधारित तरीके से पूरी होनी चाहिए। इसके अलावा, दवा विनियमन को कड़ा करने और ब्लड बैंकों में सुरक्षा मानकों का कठोरता से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए परीक्षण क्षमता बढ़ाने पर भी बल दिया।

खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में केंद्र ने राज्य को वित्तीय मदद का भरोसा दिया है, बशर्ते राज्य परीक्षण प्रयोगशालाओं के विस्तार के लिए आवश्यक स्थान उपलब्ध कराए। औषधि प्रबंधन और टेलीमेडिसिन को बढ़ावा देने के लिए देशव्यापी स्वास्थ्य परामर्श अभियान की रूपरेखा भी साझा की गई। नड्डा ने कहा कि जनभागीदारी ही स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का सबसे प्रभावी मॉडल है, जिसे छत्तीसगढ़ में व्यापक रूप से लागू किया जाएगा।

इस उच्च स्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, एनएचएम संचालक रणबीर शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के समापन पर यह स्पष्ट किया गया कि सिंगल नोडल एजेंसी (SNA) प्रणाली ट्रस्ट मॉडल पर कार्य करती रहेगी। इस समीक्षा के बाद प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के आधुनिकीकरण और नई सुविधाओं के विस्तार की राह आसान होने की उम्मीद है।

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VIKASH KHALKHO
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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।

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