नई दिल्ली : इंडिया गठबंधन के भीतर वोट चोरी के मुद्दे पर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला के एक बयान ने गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस पर उमर अब्दुल्ला ने साफ कहा है कि वोट चोरी और SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उनके इस बयान को भारतीय जनता पार्टी ने तुरंत लपक लिया और कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि अब तो इंडिया गठबंधन के नेता भी कांग्रेस के आरोपों पर भरोसा नहीं कर रहे हैं।
वोट चोरी को लेकर कांग्रेस का आक्रामक रुख
देशभर में वोट चोरी को लेकर कांग्रेस लगातार मोदी सरकार और चुनाव आयोग पर हमलावर है। हाल ही में दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस ने एक बड़ी महारैली का आयोजन किया था, जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने मंच से तीखे आरोप लगाए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग सत्ता पक्ष के दबाव में काम कर रहा है और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित किया जा रहा है।
“वोट चोरी और SIR से इंडी अलायंस का कोई लेना देना नहीं है, ये कांग्रेस का राजनीतिक मुद्दा है…”
– उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री, जम्मू कश्मीर
कांग्रेस और राहुल गांधी अपने ही सहयोगियों को ‘वोट चोरी’ समझा नहीं पा रहे हैं, और उन्हें उम्मीद हैं कि उनके नारों पर पूरा देश सत्ता… pic.twitter.com/YeV8fjzLyd
— BJP (@BJP4India) December 15, 2025
उमर अब्दुल्ला का बयान क्यों अहम?
उमर अब्दुल्ला का बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह खुद इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं। ऐसे समय में जब विपक्ष वोट चोरी को साझा मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है, उनका यह कहना कि इस विषय से उनका कोई संबंध नहीं है, गठबंधन के भीतर मतभेदों की ओर इशारा करता है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक यह बयान कांग्रेस के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है।
कांग्रेस से पूरी सहमति नहीं
उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि हर राजनीतिक दल अपने मुद्दे तय करने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने कहा,“वोट चोरी और SIR को लेकर कांग्रेस ने अपना एजेंडा बनाया है। इसका इंडिया गठबंधन से कोई लेना-देना नहीं है।” इस बयान से यह संकेत भी मिला है कि कांग्रेस के सभी सहयोगी दल उसके हर राजनीतिक अभियान से सहमत नहीं हैं।
BJP ने साधा निशाना
भाजपा ने उमर अब्दुल्ला के बयान को लेकर कांग्रेस पर कटाक्ष किया और कहा कि विपक्ष खुद अपने आरोपों पर एकमत नहीं है। भाजपा नेताओं का दावा है कि यह बयान कांग्रेस के वोट चोरी के दावों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।
बढ़ती सियासी हलचल
उमर अब्दुल्ला के इस बयान के बाद इंडिया गठबंधन के भविष्य और उसकी एकजुटता को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस असहज स्थिति से कैसे निपटती है और गठबंधन को एकजुट बनाए रखने के लिए क्या रणनीति अपनाती है।











