Oil mafia : जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिला अंतर्गत आने वाले शहपुरा-भिटोनी क्षेत्र में अवैध डीजल और पेट्रोल की ‘कटिंग’ (चोरी) का संगठित कारोबार एक बार फिर चरम पर है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने क्षेत्र में चल रहे इस अवैध गोरखधंधे की पोल खोल कर रख दी है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि खरका खेड़ा मोड़ के पास दुकानों के पीछे खड़े टैंकरों से बेखौफ होकर पेट्रोल और डीजल निकाला जा रहा है। इस खुलासे के बाद प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है, लेकिन पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि शहपुरा-भिटोनी क्षेत्र में यह अवैध धंधा कोई नया नहीं है। भिटोनी स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ियों के रैक से लेकर डिपो से निकलने वाले टैंकरों तक, माफिया की पहुंच हर जगह है। खरका खेड़ा मोड़ अब इस अवैध गतिविधि का नया केंद्र बन चुका है। बताया जा रहा है कि टैंकर चालक और माफिया के गुर्गे मिलीभगत कर रोजाना हजारों लीटर ईंधन की चोरी करते हैं, जिसे बाद में ऊंचे दामों पर ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे ढाबों में बेचा जाता है।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू स्थानीय पुलिस और रसूखदारों की भूमिका को लेकर है। क्षेत्र के रहवासियों का खुला आरोप है कि शहपुरा थाना पुलिस की नाक के नीचे यह सब महीनों से चल रहा है। चर्चा है कि इस अवैध कारोबार से होने वाली मोटी काली कमाई का हिस्सा थानों और कुछ सफेदपोश नेताओं तक पहुंचता है। यही कारण है कि बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई केवल खानापूर्ति तक सीमित रह जाती है। क्षेत्र में स्थित बड़े गैस प्लांट और पेट्रोल-डीजल डिपो माफिया के लिए ‘सप्लाई लाइन’ का काम कर रहे हैं।
विगत वर्षों में भी भिटोनी रैक पॉइंट पर तेल चोरी की बड़ी घटनाएं सामने आई थीं, जिसमें कुछ गिरफ्तारियां भी हुईं, लेकिन मुख्य सरगना अब भी पुलिस की पहुंच से बाहर हैं। ताजा वीडियो वायरल होने के बाद अब प्रशासन की चुप्पी पर सवालिया निशान लग रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब साक्ष्य सार्वजनिक हैं, तो पुलिस छापेमारी और जब्ती की कार्रवाई से क्यों बच रही है? क्या वाकई प्रशासन को इन गतिविधियों की भनक नहीं है या फिर जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हैं?
इस गंभीर मुद्दे पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) सूर्यकान्त शर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामला संज्ञान में आया है और वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि इस अवैध गतिविधि में जो भी संलिप्त पाया जाएगा, चाहे वह माफिया हो या विभाग का कोई कर्मचारी, उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की विशेष टीमें अब उन ठिकानों पर नजर रख रही हैं जहाँ टैंकरों के रुकने की सूचना मिल रही है।
फिलहाल, शहपुरा-भिटोनी में तनाव और चर्चाओं का माहौल है। आम जनता की मांग है कि केवल छोटे प्यादों पर कार्रवाई के बजाय उन ‘बड़े चेहरों’ को बेनकाब किया जाए जो इस रैकेट को संरक्षण दे रहे हैं। यदि इस पर जल्द अंकुश नहीं लगाया गया, तो यह अवैध कारोबार न केवल राजस्व को चूना लगाएगा, बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए भी एक बड़ा खतरा बन सकता है।











