रीवा। गुरुवार शाम रीवा में एनएसयूआई के छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। छात्र संगठन ने दावा किया कि उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया और कई छात्र अपनी जान बचाकर भागे।
रीवा में पिछले कुछ दिनों से अवैध नशीली सिरप की खुली बिक्री और तस्करी को लेकर बहस तेज है। शहर के बीचों-बीच, एसपी कार्यालय से मात्र 200 मीटर की दूरी पर कोरेक्स की बिक्री के कई वीडियो सामने आए हैं। छात्र संगठन का कहना है कि प्रशासन इस विषय पर गंभीर नहीं है।
इससे ध्यान आकर्षित करने के लिए एनएसयूआई कार्यकर्ता एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बड़े-बड़े प्लास्टिक बैग में हजारों कोरेक्स की खाली शीशियां भरकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्र संगठन का तर्क था कि कॉलेज में पढ़ने वाले युवा और छात्र मेडिकल नशे की चपेट में आ रहे हैं।
एनएसयूआई प्रदेश सचिव रवि सुमित सिंह ने बताया कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे, लेकिन कुछ ही समय में रीवा के नए सीएसपी राजीव पाठक ने पुलिस को लाठीचार्ज करने के निर्देश दे दिए। छात्रों के अनुसार पुलिस ने उनके निवेदन को नज़रअंदाज किया और अधाधुंध लाठियां चलाईं।
छात्र संगठन ने कहा कि लाठीचार्ज के कारण कई छात्र घायल हुए और उन्हें जान बचाकर भागना पड़ा। पुलिस ने पीछा भी किया, जिससे छात्रों में भारी डर और आक्रोश उत्पन्न हुआ।
छात्र संगठन का बयान:
रवि सुमित सिंह ने कहा, “हमारी शांतिपूर्ण आवाज को दबाने की कोशिश की गई। यदि प्रशासन ने अवैध नशीली सिरप के खिलाफ कार्रवाई नहीं की और हमारी आवाज को दबाया गया, तो हम आगे चलकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इसकी पूरी जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी।”
छात्र संगठन ने चेतावनी दी है कि वह नशे के खिलाफ हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेंगे। उनका कहना है कि प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी है कि युवा वर्ग को नशीले पदार्थों से बचाया जाए।
“हमारी शांतिपूर्ण आवाज को दबाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। हम डरने वाले नहीं हैं।”
– रवि सुमित सिंह, एनएसयूआई प्रदेश सचिव











