NSUI demands ‘Arpa Pairi Ke Dhar : रायपुर : एनएसयूआई ने राज्य गीत ‘अरपा पैरी के धार’ को हर सार्वजनिक जगह पर बजाने की मांग की है। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस से पहले रायपुर के कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। एनएसयूआई के प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल ने कहा कि अगर सरकार इस मांग पर जल्द निर्णय नहीं लेती, तो एनएसयूआई कार्यकर्ता रायपुर रेलवे स्टेशन में रिक्शा चलाकर और लाउडस्पीकर के माध्यम से गीत बजाकर अपनी सांस्कृतिक अस्मिता की आवाज उठाएंगे। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और स्वाभिमान को सम्मान दिलाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
NSUI demands ‘Arpa Pairi Ke Dhar :एनएसयूआई का कहना है कि ‘अरपा पैरी के धार’ सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की आत्मा और पहचान है। इसे सरकारी कार्यक्रम, स्कूल, सार्वजनिक स्थान और रेलवे स्टेशन पर बजाना चाहिए ताकि नई पीढ़ी में प्रदेश के प्रति गर्व और सांस्कृतिक चेतना विकसित हो। संगठन ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ की स्थापना को दो दशक से अधिक हो चुके हैं, लेकिन राज्य गीत को अब तक वह मान्यता और सम्मान नहीं मिला, जिसकी यह प्रतीक्षा कर रहा है।
NSUI demands ‘Arpa Pairi Ke Dhar :इस साल छत्तीसगढ़ अपना 25वां स्थापना दिवस भव्य तरीके से मना रहा है। 1 नवंबर 2025 को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में विशेष राज्योत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें सरकार के मंत्री, सांसद और विधायक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और राज्य की विकास यात्रा की झलक पेश करेंगे।
NSUI demands ‘Arpa Pairi Ke Dhar :राज्य सरकार ने मुख्य अतिथियों की सूची जारी की है। राजनांदगांव में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, सरगुजा में मंत्री रामविचार नेताम, बिलासपुर में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, बस्तर में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और दुर्ग में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि होंगे। अन्य जिलों में विभिन्न मंत्री, सांसद और विधायक भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
NSUI demands ‘Arpa Pairi Ke Dhar :सरकार ने कहा है कि यह कार्यक्रम केवल उत्सव नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की 25 साल की विकास यात्रा का उत्सव होगा, जिसमें स्थानीय संस्कृति, लोक कला और जनभागीदारी को विशेष महत्व दिया जाएगा।













