Election Expenses : लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राज्य की 127 राजनीतिक पार्टियों को नोटिस जारी कर कारण बताने के लिए कहा है कि उन्होंने लोकसभा चुनाव में हुए अपने खर्च का विवरण अब तक चुनाव आयोग को क्यों नहीं भेजा। इन पार्टियों को 3 अक्टूबर तक अपने जवाब देने के लिए निर्देश दिया गया है।
चुनाव आयोग के निर्देशानुसार भेजे गए नोटिस में उल्लेख है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत पिछले तीन वर्षों के खातों का ऑडिट कर विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य है। यदि कोई पार्टी तय समय तक जवाब नहीं देती है तो इसे मान लिया जाएगा कि उसे इस पर कुछ कहना नहीं है।
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Election Expenses : सुनवाई के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने 6, 7, 8 और 9 अक्टूबर की तारीखें निर्धारित की हैं। नोटिस प्राप्त दलों में मऊ जिले के पते पर रजिस्टर्ड आजाद समाज पार्टी, विकास इंसाफ पार्टी, विश्व मानव समाज कल्याण परिषद, वतन जनता पार्टी जैसे दल शामिल हैं।
लोकसभा चुनाव में राजनीतिक दलों को खर्च का ब्यौरा देने के लिए 90 दिन का समय मिलता है। 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजे 4 जून को घोषित हुए थे। इसके बावजूद 15 महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी ये दल अपना खर्चा चुनाव आयोग को नहीं सौंप सके हैं।
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि नोटिस के जवाब न आने पर आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कदम से चुनाव आयोग की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की प्रक्रिया को बल मिलेगा।











