Saturday, August 29, 2026
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Wakf Law : पूरे वक्फ कानून पर रोक नहीं, बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की संख्या पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संशोधन कानून, 2025 को पूरी तरह रोकने से इनकार कर दिया है। हालांकि, अदालत ने सोमवार को कानून में किए गए 3 प्रमुख बदलावों पर अंतिम निर्णय आने तक अंतरिम रोक (स्टे) लगा दी। इनमें वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति का नियम शामिल है।

अदालत ने कहा कि केंद्रीय वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम मेंबर 4 से अधिक और राज्य बोर्डों में 3 से अधिक नहीं होंगे। साथ ही यह भी निर्देश दिया कि सरकारें कोशिश करें कि बोर्ड में नियुक्त किए जाने वाले सरकारी प्रतिनिधि मुस्लिम समुदाय से हों।

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यह आदेश उन 5 याचिकाओं पर आया है जिनमें AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी, कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद, AAP विधायक अमानतुल्लाह खान, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी और अन्य संगठनों ने कानून को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और राजीव धवन, जबकि केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पक्ष रखा।

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  • 20 से 22 मई तक लगातार 3 दिन सुनवाई के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था।
  • मुस्लिम पक्ष ने कहा कि सरकार ऐतिहासिक और संवैधानिक सिद्धांतों को दरकिनार कर वक्फ संपत्तियों पर गैर-न्यायिक कब्जा करना चाहती है।
  • केंद्र ने तर्क दिया कि वक्फ “बाय यूजर” मौलिक अधिकार नहीं है, यह विधायी नीति का हिस्सा है और इसे वापस लिया जा सकता है।
  • केंद्र ने यह भी कहा कि 2013 के बाद से वक्फ संपत्तियों में 20 लाख एकड़ से ज्यादा इजाफा हुआ है, जिससे निजी और सरकारी जमीनों पर विवाद बढ़े।

कानून कब बना…

केंद्र ने वक्फ (संशोधन) बिल, 2025 को अप्रैल में अधिसूचित किया था। 5 अप्रैल को इसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिली। लोकसभा ने इसे 288 के मुकाबले 232 वोटों से पारित किया था।

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