नई दिल्ली : नाइजीरिया में एक ऐसी त्रासदी सामने आई है जिसने पूरे देश को हिला दिया है। एक कैथोलिक बोर्डिंग स्कूल पर हथियारबंद गिरोह ने धावा बोलकर 227 लोगों—215 बच्चे और 12 शिक्षक—का सामूहिक अपहरण कर लिया। हमले की गंभीरता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि हमलावरों ने स्कूल में घुसते ही अंधाधुंध गोलियां चलाईं और एक सुरक्षा गार्ड को गोली मार दी।
Nigeria School Kidnapping स्कूल में अचानक हुई गोलीबारी के बीच कई बच्चे जान बचाकर भागने में सफल रहे, लेकिन अधिकांश छात्र हमलावरों के कब्जे में चले गए। हादसे के बाद स्कूल को तत्काल बंद कर दिया गया है और भयभीत अभिभावक अपने बच्चों की तलाश में स्कूल पहुँच रहे हैं।
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“हमारे बच्चे कहाँ हैं?”—अभिभावकों की आंखों में दर्द
क्रिश्चियन एसोसिएशन ऑफ नाइजीरिया ने पुष्टि की कि अभी तक 27 बच्चों का कोई पता नहीं। एसोसिएशन के प्रमुख, मोस्ट रेवरेंड बुलुस दाऊवा ने रात में घटनास्थल का दौरा किया और अभिभावकों से मुलाकात की। उन्होंने कहा,
“हम हर हाल में अपने बच्चों की सुरक्षित वापसी के लिए काम कर रहे हैं।”
62 वर्षीय दाउदा चेकुला की कहानी ने इस घटना को और भी मार्मिक बना दिया। उनके चार पोते-पोतियां, जिनकी उम्र सिर्फ 7–10 साल के बीच है, भी हमलावरों के साथ बंधक बनाए गए।उन्होंने रोते हुए कहा—
“सुबह से कोई खबर नहीं… बस इतना सुन रहे हैं कि हमलावर बच्चों को जंगलों की ओर ले जा रहे हैं।”
हमलावरों का नया पैटर्न—स्कूलों पर लगातार हमले
इस घटना से ठीक कुछ दिन पहले ही पड़ोसी केब्बी राज्य के मागा क्षेत्र में एक हाई स्कूल पर हमला कर 25 छात्राओं का अपहरण किया गया था—हालांकि उनमें से एक लड़की किसी तरह बच निकली।
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Nigeria School Kidnapping नाइजर प्रांत में बच्चे और स्कूल प्रशासन पहले से ही सतर्क थे, क्योंकि सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित हमले की इंटेलिजेंस चेतावनी जारी की थी।लेकिन दर्दनाक मोड़ तब आया जब सरकारी बयान में खुलासा हुआ कि“स्कूल ने सुरक्षा मंजूरी के बिना ही कक्षाएं फिर शुरू कर दीं, जिससे छात्र सीधे खतरे की जद में आ गए।”
जंगलों में ले जाए गए बच्चे, सुरक्षा एजेंसियों को चुनौती
चश्मदीदों का कहना है कि हमलावर बच्चों को झाड़ियों और घने जंगलों की ओर ले गए हैं—एक ऐसा इलाका जहां पहले भी कई अपहरणकर्ता गिरोह सक्रिय रहे हैं।बचकर भागे छात्रों ने बताया कि हमलावरों के पास भारी हथियार थे और वे बच्चों को कतारों में ढकेलते हुए जंगल की ओर ले जा रहे थे।नाइजीरिया की सुरक्षा एजेंसियां बचाव अभियान में जुट गई हैं, लेकिन व्यापक जंगलों, सीमित संसाधनों और स्थानीय गिरोहों के नेटवर्क के कारण मिशन बेहद कठिन माना जा रहा है।









