NHM Employees Salary Dispute : रायपुर (27 फरवरी 2026): छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत हजारों कर्मचारी इस समय गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। पिछले दो महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों में भारी असंतोष और निराशा है। एनएचएम संघ ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि होली के त्यौहार से पहले तत्काल वेतन जारी किया जाए।
चिंता में डूबा परिवार: दवाई और फीस के लिए नहीं हैं पैसे एनएचएम संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी ने बताया कि होली जैसा बड़ा त्यौहार नजदीक है, लेकिन कर्मचारियों के पास खुशियां मनाने के लिए संसाधन नहीं हैं। उन्होंने कहा कि “बढ़ती महंगाई के इस दौर में बिना वेतन के घर का किराया देना, बच्चों की स्कूल फीस भरना और बुजुर्ग माता-पिता की दवाइयों का इंतजाम करना अत्यंत कठिन हो गया है। प्रशासन की इस देरी से कर्मचारियों की होली फीकी रहने की आशंका है।”
आश्वासन के बाद भी देरी पर सवाल संघ के प्रदेश प्रवक्ता पुरन दास ने विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पूरे वर्ष स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रखने वाले योद्धाओं को ही अपने हक के लिए तरसना पड़ रहा है। स्वास्थ्य मंत्री और सचिव द्वारा पूर्व में दिए गए आश्वासनों के बावजूद भुगतान में देरी क्यों हो रही है?”
आंदोलन की आहट प्रदेश महासचिव कौशलेश तिवारी ने शासन-प्रशासन को आगाह किया है कि यदि समय रहते लंबित वेतन जारी नहीं हुआ, तो कर्मचारी आंदोलन या हड़ताल जैसा कड़ा कदम उठाने को बाध्य होंगे। यदि एनएचएम कर्मचारी काम बंद करते हैं, तो प्रदेश की प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका सीधा और बुरा प्रभाव पड़ेगा।
प्रमुख मांगें:
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दो माह का लंबित वेतन तत्काल जारी हो।
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एनएचएम कर्मचारियों की पूर्व से लंबित 6 जायज मांगों का निराकरण किया जाए।
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भविष्य में समय पर वेतन भुगतान की गारंटी दी जाए।
एनएचएम संघ ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन संवेदनशीलता दिखाते हुए कर्मचारियों की पीड़ा समझेगा और होली से पहले उनके खातों में वेतन की राशि जमा की जाएगी।











