गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। Nishaanebaz.com-Raigarh Police Awareness Campaign: बच्चों और युवाओं में सुरक्षा की भावना पैदा करने और उन्हें कानूनी रूप से जागरूक बनाने के लिए रायगढ़ पुलिस लगातार विशेष अभियान चला रही है। इसी कड़ी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन एवं डीएसपी सुश्री उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन पर महिला थाना पुलिस टीम ने चक्रधरनगर थाना क्षेत्र के शासकीय प्राथमिक शाला संकुल केंद्र, ग्राम टारपाली में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में लगभग 70 से 80 छात्र-छात्राओं के साथ स्कूल के शिक्षकगण, ग्राम सरपंच और उपसरपंच भी उपस्थित रहे।
गुड टच और बैड टच की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान महिला थाना की सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे ने बच्चों से संवाद करते हुए उन्हें बाल सुरक्षा, महिला अपराध, साइबर सुरक्षा और यातायात नियमों की सरल भाषा में जानकारी दी। बच्चों को ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के बीच का फर्क समझाते हुए बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति उनके निजी अंगों को गलत तरीके से छूने या परेशान करने का प्रयास करे, तो वह गलत है। बच्चों को यह भी सिखाया गया कि ऐसी स्थिति में डरकर चुप रहने के बजाय तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को बताएं। साथ ही यह भी समझाया गया कि “ना” कहना उनका अधिकार है और किसी भी गलत व्यवहार के लिए बच्चे कभी दोषी नहीं होते।
‘हैलो सिस्टर’ और डायल 112 हेल्पलाइन से जुड़ने की अपील
बच्चों और वहां मौजूद लोगों को आपातकालीन सहायता के लिए ‘हैलो सिस्टर हेल्पलाइन नंबर 94792 70533’ के बारे में विस्तार से बताया गया। पुलिस ने समझाया कि यदि कोई बच्चा या महिला किसी भी प्रकार की असुरक्षित परिस्थिति का सामना करती है, तो वे इस नंबर के जरिए मदद ले सकते हैं। इसके अलावा, आपात स्थिति में तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त करने के लिए डायल 112 के उपयोग की जानकारी भी दी गई।
साइबर सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति किया सतर्क
बढ़ते डिजिटल युग को देखते हुए बच्चों को मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल के तरीके बताए गए। उन्हें समझाया गया कि किसी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें, अपनी निजी जानकारी या पासवर्ड किसी से साझा न करें और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। इसके अलावा, सड़क सुरक्षा के तहत सड़क पार करते समय दोनों ओर देखने, चलते समय मोबाइल का उपयोग न करने तथा यातायात नियमों का पालन करने की समझाइश दी गई ताकि बच्चे सजग और सुरक्षित नागरिक बन सकें।






