Raigarh Police Jan Samvad: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले को अपराध मुक्त और सामाजिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए जिला पुलिस ने एक बेहद संवेदनशील और व्यापक अभियान की रूपरेखा तैयार की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर आगामी 4 जुलाई को होने वाले “पुलिस जन संवाद” कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा की है। इस विशेष अभियान को “संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़” की खास थीम पर लॉन्च किया जा रहा है। एसएसपी ने जिले के सभी प्रबुद्ध नागरिकों, युवाओं, अधिवक्ताओं और मीडिया प्रतिनिधियों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की भावुक अपील की है।
पिछले 5 महीनों में पुलिस ने कसा शिकंजा, अब जनभागीदारी की बारी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि रायगढ़ पुलिस ने पिछले पांच महीनों के दौरान जिले में सक्रिय नशे के सौदागरों, अवैध मादक पदार्थों के तस्करों और जुआ-सट्टा खिलाने वाले गिरोहों के खिलाफ लगातार कड़े और प्रभावी कदम उठाए हैं। इन कार्रवाइयों के कारण अवैध गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगा है। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी कि भविष्य में भी ऐसे सामाजिक अपराधियों को जिले में किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि इन समस्याओं का स्थायी और जमीनी उन्मूलन केवल पुलिसिया डंडे या कानूनी कार्रवाई से संभव नहीं है, इसके लिए समाज के भीतर से जनभागीदारी (Public Participation) का उठना बेहद जरूरी है।
हर वार्ड में होगा सीधा संवाद, खरसिया में भी लागू होगा मॉडल
“पुलिस जन संवाद” कार्यक्रम की रूपरेखा के तहत रायगढ़ शहर के प्रत्येक वार्ड में पुलिस अधिकारियों और आम नागरिकों के बीच सीधे संवाद का मंच तैयार किया जाएगा। इसके जरिए एक ऐसी पारदर्शी और सुरक्षित व्यवस्था बनाई जा रही है, जिससे कोई भी आम नागरिक बिना किसी डर या संकोच के अपने आस-पास चल रहे नशा, अवैध शराब बिक्री या जुआ-सट्टा की शिकायत सीधे पुलिस के उच्चाधिकारियों तक पहुंचा सकेगा। रायगढ़ शहर में इस प्रयोग के सफल संचालन के बाद आगे चलकर इसे नगर पालिका परिषद खरसिया में भी पूरी तरह लागू करने की योजना है।
केवल सजा नहीं, भटके युवाओं के पुनर्वास और रोजगार पर रहेगा फोकस
इस अभियान की सबसे अनूठी बात यह है कि यह केवल अपराधियों को जेल भेजने तक सीमित नहीं रहेगा। एसएसपी ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान एक विशेष संयुक्त ‘जनभागीदारी समिति’ के गठन पर गंभीर चर्चा की जाएगी। इस समिति में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा समाज कल्याण विभाग, वकील, मीडिया प्रतिनिधि, समाजसेवी और स्वयंसेवी संस्थाओं (NGO) को शामिल करने का विचार है। यह समिति नशे और सट्टे के दुष्चक्र में फंसे युवाओं को चिन्हित कर उन्हें इस लत से बाहर निकालने, उनके सही मार्गदर्शन, उचित काउंसलिंग, सामाजिक पुनर्वास और उन्हें सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में एक सुनियोजित कार्ययोजना के तहत काम करेगी।
“यह केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, एक सामाजिक लड़ाई है” – एसएसपी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने जिले के नागरिकों के नाम एक मजबूत संदेश जारी करते हुए कहा— “नशा और जुआ-सट्टा केवल एक प्रशासनिक या कानून व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज के भविष्य के सामने एक गंभीर चुनौती है। पुलिस की सख्त कार्रवाई के साथ-साथ जब तक समाज अपनी सक्रिय सहभागिता नहीं निभाएगा, तब तक इसका स्थायी समाधान नहीं मिल सकता। हमारा मुख्य लक्ष्य केवल अपराधियों को पकड़ना नहीं है, बल्कि भटक चुके अपने युवा समाज को दलदल से बाहर निकालकर वापस विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।” उन्होंने समस्त रायगढ़ वासियों से 4 जुलाई को होने वाले इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपने रचनात्मक सुझाव देने की अपील की है।







