Amravati Farmers Protest: माकड़ी/कोण्डागांव: छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले के माकड़ी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम अमरावती में किसानों की बुनियादी समस्याओं को लेकर सियासत गरमा गई है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी माकड़ी द्वारा क्षेत्र के अन्नदाताओं के समर्थन में चलाए जा रहे चरणबद्ध आंदोलन के अगले पड़ाव के तहत, शुक्रवार 3 जुलाई 2026 को अमरावती में एक विशाल किसान आंदोलन एवं ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। शामपुर, माकड़ी, राधना और हीरापुर में सफल प्रदर्शन के बाद अमरावती पहुँचे इस आंदोलन में भारी संख्या में स्थानीय किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता एकजुट हुए। इस दौरान किसानों ने अपनी विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन के नाम एक संयुक्त ज्ञापन सौंपा।
6,000 किसानों को बैंक के लिए काटना पड़ रहा 50 किमी का चक्कर
सौपे गए ज्ञापन में कांग्रेस और किसानों की सबसे प्रमुख मांग अमरावती क्षेत्र में एक नवीन जिला सहकारी केंद्रीय बैंक (District Cooperative Central Bank) की शाखा खोलने की रही। आंदोलनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को बताया कि इस पूरे अमरावती क्षेत्र के अंतर्गत वर्तमान में तीन लैम्पस (LAMPs) का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है, जिससे प्रत्यक्ष रूप से लगभग 6,000 से अधिक किसान जुड़े हुए हैं।
इतनी बड़ी संख्या में किसान होने के बावजूद क्षेत्र में कोई भी बैंक शाखा उपलब्ध नहीं है। इसके कारण गरीब किसानों को अपने ही गाढ़े पसीने की राशि निकालने और अन्य जरूरी बैंकिंग कार्यों के लिए यहाँ से करीब 40 से 50 किलोमीटर दूर माकड़ी ब्लॉक मुख्यालय जाना पड़ता है। इस लंबी दूरी के कारण किसानों का बहुमूल्य समय, शारीरिक श्रम और आर्थिक संसाधन व्यर्थ में बर्बाद हो रहे हैं।
कृषि सीजन में केवल शनिवार-रविवार को ही खाद वितरण क्यों?
बैंक शाखा के अलावा किसानों ने चालू खरीफ सीजन (Kharif Season) को देखते हुए खाद वितरण व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। किसानों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि कृषि कार्यों के लिए बेहद जरूरी रासायनिक खाद का वितरण केवल शनिवार और रविवार तक ही सीमित न रखा जाए। इसे सप्ताह के सातों दिन यानी प्रतिदिन वितरित किया जाना चाहिए, ताकि सुदूर क्षेत्रों से आने वाले किसानों को समय पर खाद मिल सके और मानसून के इस दौर में उनकी बोआई व खेती का कार्य बिल्कुल भी प्रभावित न हो।
मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे ब्लॉक कांग्रेस कमेटी माकड़ी के अध्यक्ष गौतम साहू ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अमरावती क्षेत्र के किसानों की ये सभी मांगें पूरी तरह से जायज और न्यायसंगत हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “यदि शासन और स्थानीय प्रशासन ने किसानों की इन बुनियादी मांगों पर शीघ्र ही कोई सकारात्मक और ठोस पहल नहीं की, तो कांग्रेस पार्टी किसानों के व्यापक हित में इस आंदोलन को और अधिक उग्र रूप देने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी स्वयं शासन-प्रशासन की होगी।” इस प्रदर्शन ने क्षेत्र के किसान आंदोलन को एक नया मोड़ दे दिया है।







