Law Awareness Workshop: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में आम जनता को नए कानूनों के प्रति जागरूक करने और पुलिस बल को अधिक आधुनिक बनाने के उद्देश्य से एक बेहतरीन पहल की शुरुआत हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन में 3 और 4 जुलाई को दो दिवसीय नवीन आपराधिक कानून जनजागरूकता प्रदर्शनी एवं कार्यशाला का भव्य शुभारंभ किया गया है। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन पुलिस के आला अधिकारियों द्वारा मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस आयोजन में स्कूली बच्चों से लेकर जिले के तमाम थाना प्रभारियों ने हिस्सा लिया।
DGPs/IGPs कॉन्फ्रेंस-2025 की सिफारिशों पर मिला कड़ा प्रशिक्षण
कार्यक्रम के पहले चरण में ‘पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक सम्मेलन-2025’ की राष्ट्रीय सिफारिशों के अनुरूप आधुनिक और तकनीक आधारित पुलिसिंग पर एक गहन कार्यशाला का आयोजन हुआ। मुख्य वक्ता अतिरिक्त पुलिस एएसपी श्री अनिल सोनी ने बताया कि नवंबर 2025 में आईआईएम नया रायपुर में आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री शामिल हुए थे। उसी की तर्ज पर अब रायगढ़ पुलिस को थानों के आधुनिकीकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), CCTNS, डेटा एनालिटिक्स, साइबर अपराध नियंत्रण और रियल टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर पारदर्शी व जनोन्मुखी बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
पीड़ित-केंद्रित न्याय व्यवस्था और नए प्रपत्रों पर प्रस्तुतीकरण
कार्यशाला के दूसरे चरण में एएसपी अनिल सोनी ने नए कानूनों— भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रावधानों को बारीकी से समझाया। उन्होंने बताया कि नए कानूनों का मुख्य उद्देश्य त्वरित न्याय, पीड़ित-केंद्रित व्यवस्था, महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा और संगठित साइबर अपराधों पर नकेल कसना है। इस दौरान थानों में उपयोग होने वाले नए रजिस्टरों और डिजिटल पोर्टलों पर नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा और डीएसपी सुश्री उन्नति ठाकुर द्वारा महत्वपूर्ण तकनीकी प्रस्तुतीकरण भी दिया गया।
एसएसपी ने प्रश्नोत्तरी के जरिए बच्चों से किया सीधा संवाद
इस आयोजन का सबसे खूबसूरत पहलू स्कूली बच्चों की सक्रिय भागीदारी रही। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने परिसर में लगाए गए नवीन कानून, यातायात सुरक्षा, महिला सुरक्षा (हेलो सिस्टर हेल्पलाइन) और साइबर अपराध जागरूकता के 4 प्रमुख स्टॉलों का बच्चों को भ्रमण कराया। एसएसपी ने बच्चों से सीधे संवाद करते हुए नए कानूनों के व्यावहारिक महत्व को बेहद सरल भाषा में समझाया और एक मजेदार प्रश्नोत्तरी (Quiz) के माध्यम से बच्चों की कानूनी जिज्ञासाओं को शांत किया।
कार्यक्रम के अंत में एसएसपी ने एक मजबूत संदेश देते हुए कहा— “नवीन कानूनों का प्रभावी और जमीनी क्रियान्वयन तभी संभव है, जब हमारी पुलिस और आम जनता दोनों इसकी मूल भावना, उद्देश्यों और प्रक्रियाओं को गहराई से समझें। यह प्रदर्शनी आधुनिक व जनकल्याणकारी पुलिसिंग की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।” बता दें कि यह प्रदर्शनी 4 जुलाई को भी जारी रहेगी, जिसके साथ ‘पुलिस जन संवाद’ का भी आयोजन किया जाएगा।







