Swara Bhaskar Padmaavat Open Letter Clarification: जौहर सीन पर बयान का गलत मतलब निकाला गया; स्वरा भास्कर ने वीडियो जारी कर दी सफाई

VIKASH KHALKHO

मुंबई। Nishaanebaz.com-Shriya Pilgaonkar On Swara Bhaskar Padmaavat Debate: फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली की बहुचर्चित फिल्म ‘पद्मावत’ में फिल्माए गए ‘जौहर’ वाले दृश्य को लेकर बॉलीवुड में एक बार फिर चर्चा गरम हो गई है। अभिनेत्री स्वरा भास्कर द्वारा फिल्म के क्लाइमेक्स पर उठाए गए सवालों के बाद अब मशहूर अभिनेत्री श्रिया पिलगांवकर ने इस विषय पर अपना दृष्टिकोण साझा किया है। श्रिया ने ऐतिहासिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक घटनाक्रमों को उस समय के सामाजिक परिस्थितियों के अनुसार समझने की वकालत की है।

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Swara Bhasker (@reallyswara)

‘फिल्मीज्ञान’ से बातचीत करते हुए श्रिया पिलगांवकर ने स्पष्ट किया कि सदियों पुराने इतिहास और परंपराओं का आकलन आज के आधुनिक दृष्टिकोण से नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय के साथ संस्कृति और इंसानी मूल्य बदलते रहते हैं और आज के दौर में बैठकर सैकड़ों साल पहले की घटनाओं पर सवाल उठाना व्यावहारिक नहीं है।

Read More : Chhattisgarh Government Jobs: छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी का बड़ा मौका! 9 हजार पदों पर सीधी भर्ती, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग

श्रिया पिलगांवकर: “संस्कृति और सामाजिक मूल्य समय के साथ बदलते हैं”

श्रिया पिलगांवकर ने ऐतिहासिक कालखंड के संदर्भ में बात करते हुए कहा, “2026 में बैठकर हम 100 या 200 साल पहले हुई घटनाओं पर चर्चा कर रहे हैं और यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि उस समय लोगों को कैसा महसूस होता था—उनके मूल्य क्या थे, वे क्या करना चाहते थे और किन सामाजिक दबावों का सामना कर रहे थे। हम आज के पैमानों के आधार पर उन्हें जज नहीं कर सकते।” श्रिया का मानना है कि हर संस्कृति समय और इंसान के अनुभवों के साथ विकसित होती है, इसलिए किसी बिल्कुल अलग दौर के बारे में आज एकतरफा राय बनाना सही नहीं है।

Read More : UP Basti Honeytrap Exposed: बस्ती में हनीट्रैप गिरोह का पर्दाफाश; प्रियंका, पिता और वकील गिरफ्तार

स्वरा भास्कर ने अपने बयान पर दी सफाई

दूसरी ओर, फिल्म के रिलीज के दौरान संजय लीला भंसाली को लिखे अपने खुले खत (Open Letter) को लेकर स्वरा भास्कर ने एक बार फिर अपना रुख साफ किया है। सोशल मीडिया पर उनकी एक क्लिप वायरल होने के बाद उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। स्वरा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने रानी पद्मावती या महल की अन्य महिलाओं को कभी ‘कायर’ नहीं कहा।

Read More : Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत ढही; 7 की मौत, 5 अधिकारी निलंबित

“महिला की जिंदगी से कीमती उसकी पवित्रता नहीं हो सकती”

स्वरा भास्कर ने बताया कि उनकी चिंता यौन हिंसा की शिकार सर्वाइवर्स पर ऐसे दृश्यों के पड़ने वाले मानसिक प्रभाव को लेकर थी। उन्होंने कहा कि फिल्मों के जरिए ऐसा संदेश नहीं जाना चाहिए कि महिला की जान से ज्यादा कीमती उसकी पवित्रता या इज्जत है। स्वरा ने सवाल उठाया कि क्या समाज में यह संदेश जाना चाहिए कि किसी दुर्घटना या बलात्कार के बाद महिला का जीवित बचना गलत है? फिलहाल, सिनेमा में ऐतिहासिक प्रस्तुतिकरण और आधुनिक सामाजिक चेतना को लेकर छिड़ी यह बहस सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोर रही है।

Share The News
Share This Article
विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *