Nakti Village News: धरसींवा (मोहम्मद याकुब)। छत्तीसगढ़ के धरसींवा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नकटी के प्रभावित परिवारों को अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री तक पहुंचने से पहले ही रोक दिए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद स्थानीय राजनीति गरमा गई है और कांग्रेस ने राज्य की भाजपा सरकार पर पुलिस के बल पर जनता की आवाज को कुचलने का गंभीर आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत बरौदा में यादव समाज का एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित था, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और क्षेत्रीय विधायक अनुज शर्मा शिरकत करने वाले थे। ग्राम नकटी के प्रभावित परिवार अपनी पीड़ा, पुनर्वास और न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्वक इस कार्यक्रम में जाकर मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखने की तैयारी कर रहे थे।
गांव बना छावनी, कांग्रेस ने कहा- यह ‘हाउस अरेस्ट’ है
ग्रामीणों के समर्थन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओबीसी विभाग) के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष भावेश बघेल, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी धरसींवा के अध्यक्ष आशीष वर्मा और कई कांग्रेस कार्यकर्ता भी नकटी गांव पहुंचे थे।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रशासन को जैसे ही ग्रामीणों के बरौदा जाने की भनक लगी, उन्होंने पूरे नकटी गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। पुलिस ने प्रभावित परिवारों सहित कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को गांव से बाहर निकलने ही नहीं दिया। कांग्रेस ने इसे अघोषित ‘नज़रबंदी’ (हाउस अरेस्ट) करार देते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है।
शांतिपूर्ण तरीके से बात रखना संवैधानिक अधिकार कांग्रेस का कहना है कि नकटी के प्रभावित परिवारों का उद्देश्य केवल मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी पीड़ा रखना था। वे सम्मानजनक पुनर्वास, उचित मुआवजा और न्याय की गुहार लगाना चाहते थे। लोकतंत्र में अपनी बात रखना और जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछना जनता का संवैधानिक अधिकार है, जिसे पुलिस बल के माध्यम से दबाना बेहद निंदनीय है।
“जनता के सवालों से डर रही है भाजपा सरकार” – भावेश बघेल
मौके पर मौजूद प्रदेश कांग्रेस कमेटी (OBC) के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष भावेश बघेल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:
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“भाजपा सरकार जनता के सवालों और उनके अधिकारों से डर रही है। यदि प्रभावित परिवार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात भी नहीं रख सकते, तो यह इस राज्य की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न है।”
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“पीड़ित परिवार केवल अपने अधिकार मांग रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें सुनने के बजाय खाकी वर्दी का डर दिखाकर उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।”
वहीं, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष आशीष वर्मा ने प्रशासन की इस कार्रवाई को पूरी तरह अलोकतांत्रिक और जनविरोधी बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और अंतिम व्यक्ति को न्याय मिलने तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
कांग्रेस की चेतावनी: सार्वजनिक कार्यक्रमों में होगा विरोध
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन की इस दमनकारी नीति की कड़ी निंदा करते हुए सरकार को खुली चेतावनी दी है। कांग्रेस ने कहा है कि जनता की आवाज़ को तानाशाही रवैये से दबाना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यदि सरकार जल्द ही नकटी के प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान नहीं करती है और उन्हें अपनी बात रखने से रोकने का यह सिलसिला जारी रखती है, तो भविष्य में मुख्यमंत्री, मंत्रियों या अन्य जनप्रतिनिधियों के किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी प्रभावित परिवारों को साथ लेकर पहुंचेगी। यह विरोध शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा और सरकार से पुनर्वास, मुआवजा व न्याय के संबंध में सीधा जवाब मांगा जाएगा।







