New Land Guidelines 2026 :रायपुर। छत्तीसगढ़ के दो प्रमुख जिलों, रायपुर और कोरबा में रहने वाले लोगों के लिए अपना घर या जमीन खरीदना अब और महंगा हो गया है। राज्य शासन ने इन दोनों जिलों के लिए जमीन और मकान की नई सरकारी दरों (गाइडलाइन रेट) को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह संशोधित दरें आज, शुक्रवार 30 जनवरी 2026 से पूरे जिले में प्रभावी हो गई हैं।
केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की मुहर महानिरीक्षक पंजीयन कार्यालय के अनुसार, रायपुर और कोरबा के जिला कलेक्टरों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही NIC (नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर) को सॉफ्टवेयर अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आज से होने वाली सभी रजिस्ट्रियां स्वतः ही नई दरों पर दर्ज हों।
हॉटस्पॉट इलाकों में कीमतों का उछाल नई गाइडलाइन के अनुसार, शहरी और विकासशील क्षेत्रों में कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई है:
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रायपुर: वीआईपी रोड, नया रायपुर, अमलीडीह और विधानसभा रोड जैसे विकसित इलाकों में दरें बढ़ गई हैं।
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कोरबा: ट्रांसपोर्ट नगर, कोसाबाड़ी, निहारिका और कटघोरा क्षेत्रों में जमीन की सरकारी कीमतों में इजाफा हुआ है।
पुराने अपॉइंटमेंट पर भी लागू होंगे नए नियम खरीदारों के लिए ध्यान देने वाली बात यह है कि यदि आपने पुरानी गाइडलाइन दरों के समय रजिस्ट्री का अपॉइंटमेंट लिया था, लेकिन आपकी रजिस्ट्री आज या इसके बाद संपन्न हो रही है, तो आपको नई दरों के अनुसार ही अतिरिक्त स्टांप शुल्क का भुगतान करना होगा।
आम आदमी पर असर रियल एस्टेट जानकारों का मानना है कि गाइडलाइन दरें बढ़ने से सरकार के खजाने में राजस्व की भारी बढ़ोतरी होगी, लेकिन मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए अब घर या प्लॉट खरीदना एक बड़ी चुनौती बन जाएगा। स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क में बढ़ोतरी से प्रॉपर्टी की कुल लागत में 5 से 10 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है।











