नई दिल्ली : नेपाल में एक बार फिर बड़े राजनीतिक तनाव की स्थिति बन गई है। प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के चीफ पर्सनल सेक्रेटरी आदर्श श्रेष्ठ पर परिवार के सदस्यों को सरकारी पदों पर नियुक्त करने के आरोप सामने आए हैं। इस खुलासे के बाद जेनरेशन जेड (जेन-जी) कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं और आदर्श श्रेष्ठ के तत्काल इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
जेन-जी की मांग पर छिड़ा नया विवाद
नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आदर्श श्रेष्ठ ने अपनी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों को प्रधानमंत्री के सेक्रेटेरिएट में नियुक्त किया। इस कार्रवाई को फेवरेटिज्म और भाई-भतीजावाद का उदाहरण बताते हुए जेन-जी नेताओं ने विरोध शुरू किया है।
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जेन-जी लीडर रक्ष्या बाम ने सोशल मीडिया पर लिखा—
“पारदर्शिता और जवाबदेही हमारी पहली मांग थी। आदर्श श्रेष्ठ को तुरंत पद से हटाया जाए और उनकी की गई सभी गलत नियुक्तियां रद्द की जाएं।”उन्होंने जोर दिया कि जनता के पैसे से चलने वाली सिविक सरकार को पारदर्शी और जवाबदेह रहना चाहिए।
पीएम कार्यालय की सफाई
बढ़ते विवाद के बीच प्रधानमंत्री कार्यालय ने सफाई जारी की है कि आदर्श श्रेष्ठ की नियुक्तियां “पारिवारिक परिस्थितियों” के चलते आवश्यक थीं। हालांकि, यह तर्क जेन-जी कार्यकर्ताओं को संतुष्ट नहीं कर पाया है।
सिमारा में हिंसा, कई घायल—प्रशासन ने लगाया कर्फ्यू
21 नवंबर को सिमारा में जेन-जी कार्यकर्ताओं के एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई। बताया गया कि प्रदर्शन के दौरान सीपीएन-यूएमएल समर्थकों ने जेन-जी युवाओं पर हमला कर दिया।इस हमले में जेन-जी नेता सम्राट उपाध्याय समेत कई युवा घायल हो गए। हालात बिगड़ने पर प्रशासन ने इलाके में तत्काल कर्फ्यू लगा दिया।
घटना के चलते सीपीएन-यूएमएल के वरिष्ठ नेता भी एयरपोर्ट से ही वापस लौट गए और उनकी बैठक रद्द करनी पड़ी।











