कोलकाता/नई दिल्ली, 30 अगस्त 2025। पश्चिम बंगाल की 2024 की वोटर लिस्ट में करीब 1.04 करोड़ फर्जी नाम दर्ज होने का खुलासा हुआ है। यह संख्या कुल मतदाताओं का लगभग 13.7% हिस्सा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि लिस्ट में मृतक, नाबालिग और राज्य छोड़ चुके लोग भी वोटर के तौर पर शामिल हैं।
रिपोर्ट का निष्कर्ष
मुंबई के एस पी जैन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च और आईआईएम विशाखापट्टनम के शोधकर्ताओं ने इस स्टडी को तैयार किया। रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल में वास्तविक वोटर संख्या 6.57 करोड़ होनी चाहिए थी, जबकि लिस्ट में कुल 7.61 करोड़ नाम दर्ज पाए गए। कुछ जिलों में मतदाताओं की संख्या वहां की वास्तविक आबादी से भी अधिक है।
राजनीतिक विवाद
बीजेपी ने इसे टीएमसी सरकार द्वारा चुनावी लाभ के लिए सुनियोजित गड़बड़ी करार दिया है। पार्टी ने Special Intensive Revision (SIR) की मांग की है, जिसमें मृतक और डुप्लीकेट नाम हटाने के लिए घर-घर जाकर जांच की जाएगी। टीएमसी ने इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताया और कहा कि यह चुनाव हारने के डर से फैलाया गया है।
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राष्ट्रीय संदर्भ
विशेषज्ञों का कहना है कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं है। देशभर में तकनीक और एल्गोरिदम की मदद से लिस्ट साफ़ करने की आवश्यकता है ताकि चुनावी प्रक्रिया में जनता का भरोसा मजबूत बने।











