नई दिल्ली। UP Politics Controversy: दीपावली के पावन अवसर पर आयोजित ‘पंचायत आजतक अयोध्या’ के मंच पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रस्तावित अयोध्या दौरे को लेकर बड़ा और तीखा हमला बोला है। सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अयोध्या भगवान श्री राम की नगरी है और यहाँ हर सनातन धर्मप्रेमी का स्वागत है, लेकिन अगर सपा मुखिया अयोध्या आना चाहते हैं तो उन्हें यहाँ आने से पहले रामभक्तों और अयोध्या की ऐतिहासिक उपेक्षा के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक अयोध्या की उपेक्षा की, संतों पर लाठीचार्ज करवाया और रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, वे आज किस मुंह से मंदिर दर्शन की बात कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो कभी कहते थे कि अयोध्या में परिंदा भी पर नहीं मार सकता, वे आज राम मंदिर का सपना देख रहे हैं।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विपक्ष का दुष्प्रचार
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक स्वायत्त संस्था है, जिसका गठन सुप्रीम कोर्ट के आदेश से हुआ है। मामले की जानकारी मिलते ही सरकार की सिफारिश पर एसआईटी (SIT) गठित की गई, आरोपियों पर सख्त कार्रवाई हुई और गिरफ्तारियां की गईं। उन्होंने कहा कि कुछ गिने-चुने लोगों के गलत कार्यों की वजह से पूरी पवित्र अयोध्या और संत समाज को बदनाम करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
‘अयोध्या मेरे लिए चुनाव नहीं, आस्था का विषय है’
अयोध्या की पुरानी स्थिति और वर्तमान विकास की तुलना करते हुए सीएम योगी ने बताया कि 2017 से पहले जहां अयोध्या में केवल 3 घंटे बिजली आती थी, वहीं आज यह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, फोरलेन धर्मपथ, श्रीराम पथ और भक्तिपथ के साथ आस्था व आधुनिकता का अद्भुत संगम बन चुकी है। चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि अयोध्या उनके लिए चुनावी राजनीति का मैदान नहीं बल्कि अटूट आस्था का विषय है।
रोजगार और विकास के आंकड़ों पर सरकार का दावा
सरकार के कार्यकाल और विकास पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य की श्रेणी से निकलकर देश की शीर्ष 3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि 2017 से 2026 के बीच उनकी सरकार ने पारदर्शी प्रक्रिया के तहत 9.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं।
