Mukul Roy : पूर्व रेल मंत्री और पश्चिम बंगाल की राजनीति के प्रमुख रणनीतिकार माने जाने वाले मुकुल रॉय का 71 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने कोलकाता के एक अस्पताल में रात करीब 1:30 बजे अंतिम सांस ली। उनके बेटे शुभ्रांशु रॉय के अनुसार, वे लंबे समय से विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे।
Mukul Roy : मुकुल रॉय All India Trinamool Congress के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे और लंबे समय तक Mamata Banerjee के करीबी सहयोगी रहे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत पश्चिम बंगाल में यूथ कांग्रेस से की थी। तृणमूल कांग्रेस के गठन के बाद वे पार्टी के महासचिव बने और दिल्ली की राजनीति में पार्टी का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे।
Mukul Roy : वर्ष 2006 में वे राज्यसभा के लिए चुने गए और 2009 से 2012 तक उच्च सदन में पार्टी के नेता रहे। 2011 में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार बनने के बाद उन्होंने संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल में कई विपक्षी नेताओं ने टीएमसी का दामन थामा।
Mukul Roy : हालांकि नवंबर 2017 में उन्होंने टीएमसी छोड़कर Bharatiya Janata Party ज्वाइन कर ली। 2019 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में भाजपा की उल्लेखनीय सफलता में उनकी रणनीतिक भूमिका मानी गई। 2021 के विधानसभा चुनाव में वे कृष्णनगर उत्तर सीट से भाजपा के टिकट पर विजयी हुए।
Mukul Roy : जून 2021 में उन्होंने पुनः टीएमसी में वापसी की। बाद में 13 नवंबर 2025 को कलकत्ता हाईकोर्ट ने दल-बदल विरोधी कानून के तहत उन्हें अयोग्य विधायक घोषित कर दिया था। मुकुल रॉय का निधन पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण क्षति माना जा रहा है।













