भोपाल: मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम का असर खत्म होते ही मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बारिश और ओलों के दौर के थमते ही प्रदेश में ठंड का प्रभाव तेजी से बढ़ गया है। उत्तर दिशा से चल रही सर्द हवाओं के कारण दिन के समय भी ठिठुरन महसूस की जा रही है, जबकि रात का तापमान कई शहरों में तेजी से गिरा है।
ठंडी हवाओं से बढ़ी कंपकंपी
मौसम विभाग के मुताबिक, बीते दिनों सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ की वजह से कई हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई थी। गुरुवार के बाद जैसे ही यह सिस्टम कमजोर पड़ा, तापमान में गिरावट शुरू हो गई। साफ आसमान और शुष्क हवाओं ने ठंड को और तेज कर दिया है।
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8 शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे
बुधवार-गुरुवार की रात ग्वालियर सहित प्रदेश के आठ शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया। वहीं 30 से अधिक जिलों में हल्के से घने कोहरे की स्थिति बनी रही, जिससे सुबह के समय दृश्यता प्रभावित हुई और यातायात पर भी असर पड़ा।
आने वाले दिनों में और गिर सकता है पारा
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं का असर अभी जारी रहेगा। अगले कुछ दिनों में रात के तापमान में और गिरावट संभव है, जबकि सुबह और रात के समय कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। लोगों को ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
जनजीवन पर दिखने लगा असर
तेज ठंड के कारण सुबह-शाम सड़कें अपेक्षाकृत सूनी नजर आ रही हैं। ग्रामीण इलाकों में अलाव का सहारा लिया जा रहा है, वहीं शहरों में गर्म कपड़ों की मांग बढ़ गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।













