MP News : रीवा/जवा। मध्यप्रदेश के तराई अंचल से एक चौंकाने वाली और शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला को उसके देवर ने कई वर्षों तक न्यूड वीडियो वायरल करने की धमकी देकर शारीरिक और मानसिक शोषण का शिकार बनाया। पीड़िता की शिकायत के बावजूद आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, वहीं सामाजिक दबाव के चलते महिला को उसका पति और परिवार भी छोड़ चुका है।
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पूरा मामला जवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भुनगवां गांव का है। पीड़िता का आरोप है कि विशाल प्रताप सिंह, जो रिश्ते में उसका देवर है, ने चार से पांच वर्षों तक लगातार उसका शोषण किया। पीड़िता ने बताया कि जब वह घर में स्नान कर रही थी, तभी आरोपी ने उसका नग्न वीडियो बना लिया, और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर बार-बार दुष्कर्म किया।
पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने न सिर्फ उसका यौन शोषण किया, बल्कि उससे रुपये और गहने भी हड़प लिए। जब महिला ने साहस जुटाकर जवा थाने में शिकायत दर्ज कराई, तो उसके पति ने भी सामाजिक दबाव में आकर उसका साथ छोड़ दिया। इसके बाद महिला को न सिर्फ घर से निकाला गया, बल्कि गांव समाज में भी उसका बहिष्कार कर दिया गया।
अब पीड़िता अकेले न्याय की लड़ाई लड़ रही है। पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं होने और आरोपी की गिरफ्तारी में ढिलाई से तंग आकर वह डीआईजी रीवा रेंज के कार्यालय पहुंची और अधिकारियों से इंसाफ की गुहार लगाई।
पीड़िता का सवाल है –
- “जब एफआईआर दर्ज हो चुकी है, फिर आरोपी अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं हुआ?“
“मुझे मेरा परिवार तो नहीं मिला, क्या अब न्याय भी नहीं मिलेगा?“
पुलिस की चुप्पी और सामाजिक बहिष्कार – महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल
यह मामला न सिर्फ कानूनी उदासीनता, बल्कि समाज में बलात्कार पीड़िताओं के प्रति मौजूद भेदभाव और पीड़ित को ही दोषी मान लेने की प्रवृत्ति को उजागर करता है।
जब एक महिला अपनी इज्जत और अधिकारों के लिए आवाज़ उठाती है, तो क्या पुलिस और समाज दोनों उसकी मदद करने के बजाय उसे अकेला छोड़ देंगे? यह सवाल अब रीवा पुलिस और शासन-प्रशासन के लिए चुनौती बनकर खड़ा है।











