Khandwa Police Rescued Workers: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- खंडवा पुलिस ने महाराष्ट्र के संभाजीनगर में फंसे 22 मजदूरों को सकुशल वापस लाकर बड़ी राहत दिलाई है। मजदूरी के लिए महाराष्ट्र गए इन मजदूरों को कथित तौर पर ठेकेदार ने वहीं रोक लिया था। शिकायत मिलने के बाद खालवा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और टीम को महाराष्ट्र भेजकर मजदूरों की सुरक्षित वापसी कराई।पुलिस के मुताबिक, सभी 22 मजदूरों को वापस खंडवा लाने के साथ उनकी बकाया 85 हजार रुपये की मजदूरी भी दिलवाई गई। इसके बाद सभी मजदूरों को उनके घर भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार करीब एक महीने पहले खंडवा जिले के खालवा क्षेत्र के ग्राम आड़ाखेड़ा से 30 से 40 मजदूर मजदूरी करने महाराष्ट्र के संभाजीनगर स्थित ग्राम करमाड़ गए थे। मजदूर ट्रैक्टर-ट्रॉली से वहां पहुंचे थे।कुछ समय बाद मजदूरी नहीं मिलने पर इनमें से कुछ मजदूर वापस अपने गांव लौट आए। हालांकि, 22 मजदूर वहीं रह गए। आरोप है कि ठेकेदार ने इन मजदूरों को ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित रोक लिया था।
परिजनों ने थाने में की शिकायत
22 मजदूरों के वापस नहीं लौटने पर उनके परिजनों ने खालवा थाने में शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई और मजदूरों को वापस लाने के लिए कार्रवाई शुरू की।मामले की गंभीरता को देखते हुए खंडवा पुलिस अधीक्षक अगम जैन के निर्देशन में टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण गजेंद्र सिंह कंवर और हरसूद एसडीओपी लोकेन्द्र सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अनुपम सिंह को कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई।
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महाराष्ट्र पहुंची पुलिस टीम
पुलिस टीम ने 27 सितंबर को सहायक उप निरीक्षक संजय अहिर और प्रधान आरक्षक सुनील यादव को महाराष्ट्र भेजा। दोनों पुलिसकर्मियों ने स्थानीय पुलिस से संपर्क कर मजदूरों की तलाश और उनकी सुरक्षित वापसी की कार्रवाई शुरू की।करमाड़ थाना पुलिस के सहयोग से खंडवा पुलिस ने सभी 22 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला। उनके साथ मौजूद ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी वापस लाया गया।
85 हजार रुपये की मजदूरी भी दिलवाई
मजदूरों की सुरक्षित वापसी के साथ पुलिस ने उनकी बकाया मजदूरी दिलाने की भी कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार सभी 22 मजदूरों को कुल 85 हजार रुपये की मजदूरी दिलवाई गई।इसके बाद मजदूरों को उनके घर भेज दिया गया। लंबे समय से महाराष्ट्र में फंसे मजदूरों के सकुशल लौटने और बकाया राशि मिलने के बाद उनके परिवारों ने राहत की सांस ली।
पुलिस टीम की भूमिका की सराहना
इस पूरी कार्रवाई में हरसूद एसडीओपी लोकेन्द्र सिंह ठाकुर, खालवा थाना प्रभारी अनुपम सिंह, सहायक उप निरीक्षक संजय अहिर और प्रधान आरक्षक सुनील यादव की महत्वपूर्ण भूमिका बताई गई है।पुलिस की इस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में भी खुशी का माहौल है। मजदूरों के परिवारों ने उन्हें वापस लाने और बकाया मजदूरी दिलाने के लिए पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है।






