भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए करीब 50 साल पुराने पेंशन नियम में बदलाव कर दिया है। नए निर्णय के तहत अब वर्ष 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को भी परिवार पेंशन का लाभ मिल सकेगा। इससे लंबे समय से मांग कर रहे कर्मचारियों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
अंशदायी पेंशन योजना के कर्मचारियों को फायदा
अब तक अंशदायी पेंशन योजना (NPS) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों के परिवार को पारंपरिक परिवार पेंशन जैसी सुविधा स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं थी। नए संशोधन के बाद इन कर्मचारियों को भी परिवार सुरक्षा से जुड़ा वित्तीय लाभ मिलेगा, जिससे आकस्मिक परिस्थितियों में परिवार को आर्थिक सहारा मिल सकेगा।
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पत्नी और आश्रितों को मिलेगा अधिकार
सरकार के फैसले के अनुसार यदि किसी कर्मचारी का निधन हो जाता है, तो सबसे पहले पत्नी को परिवार पेंशन दी जाएगी। पत्नी के बाद यह लाभ अन्य आश्रित परिवारजनों को निर्धारित नियमों के अनुसार मिलेगा। इससे कर्मचारियों के परिवार की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी।
बेटियों को भी आजीवन पेंशन पात्रता
नई व्यवस्था में अविवाहित और तलाकशुदा बेटियों को भी आजीवन परिवार पेंशन की पात्रता प्रदान की गई है। यह प्रावधान सामाजिक सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है और महिलाओं को आर्थिक संबल देने की दिशा में बड़ा कदम है।
सरकार के इस निर्णय को कर्मचारी हितैषी कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि भविष्य को लेकर उनकी चिंता भी कम होगी। आने वाले समय में इस नियम के क्रियान्वयन से लाखों परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है।











