MP Deputy Collector Rape Case: एमपी डिप्टी कलेक्टर रेप केस में मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर को बड़ा झटका लगा है। मुरैना जिला कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मामले में पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे जारी है।
एमपी डिप्टी कलेक्टर रेप केस के तहत सबलगढ़ में तैनात डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर को पुलिस ने देर रात उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार किया था। पुलिस को आशंका थी कि आरोपी अधिकारी कहीं फरार न हो जाए, इसलिए तत्काल कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
शादी का वादा कर संबंध बनाने का आरोप
एमपी डिप्टी कलेक्टर रेप केस में एक युवती ने आरोप लगाया है कि अरविंद माहौर ने शादी का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और बाद में उससे दूरी बना ली। शिकायत के आधार पर मुरैना के सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज किया गया था।पुलिस के अनुसार शिकायत की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।
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सोशल मीडिया से हुई थी पहचान
पीड़िता के बयान के मुताबिक एमपी डिप्टी कलेक्टर रेप केस की शुरुआत फेसबुक के जरिए हुई पहचान से हुई। युवती का आरोप है कि शुरुआत में अरविंद माहौर ने खुद को इंजीनियर बताया था। बाद में दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और कई बार मुलाकात हुई।युवती ने आरोप लगाया है कि जब उसने शादी की बात कही तो आरोपी ने बातचीत कम कर दी और संपर्क करना बंद कर दिया।
व्हाट्सएप चैट और डिजिटल साक्ष्यों की जांच
एमपी डिप्टी कलेक्टर रेप केस में पुलिस को मोबाइल चैट, फोटो और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी दिए गए हैं। पुलिस इन सभी सामग्रियों की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार जांच में मिले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं अधिकारी
एमपी डिप्टी कलेक्टर रेप केस के बीच यह भी सामने आया है कि अरविंद माहौर पहले भी विवादों में रह चुके हैं। एक अन्य शिकायत के बाद उन्हें पहले निलंबित किया गया था। बाद में बहाली होने के बाद यह नया मामला सामने आया, जिसके बाद शासन ने उन्हें दोबारा निलंबित कर दिया।
पुलिस अधीक्षक ने क्या कहा?
मुरैना पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा के अनुसार एमपी डिप्टी कलेक्टर रेप केस में शिकायत सरकारी अधिकारी से जुड़ी होने के कारण पूरी सावधानी से जांच की गई। प्रारंभिक जांच में शिकायत के समर्थन में तथ्य मिलने के बाद मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई।
आगे क्या होगा?
एमपी डिप्टी कलेक्टर रेप केस में अब कोर्ट से जमानत नहीं मिलने के बाद अरविंद माहौर की कानूनी चुनौतियां बढ़ गई हैं। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच, साक्ष्यों की जांच रिपोर्ट और अदालत की अगली सुनवाई इस मामले की दिशा तय करेगी।









