भोपाल: उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में हो रही बर्फबारी का असर अब मध्य प्रदेश में साफ नजर आने लगा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों से आ रही बर्फीली हवाओं ने प्रदेश में ठंड को और तीखा कर दिया है। खासकर उत्तरी और पूर्वी मध्य प्रदेश में ठंड का प्रकोप सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। उज्जैन, इंदौर, शहडोल और रीवा में लोग कड़ाके की ठंड से बेहाल हैं।
मंदसौर बना प्रदेश का सबसे ठंडा शहर
मालवा अंचल में ठंड का असर सबसे ज्यादा रहा। मंदसौर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रिकॉर्ड किया गया, जहां न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है। इसके अलावा शाजापुर के गिरवर में 3.1 डिग्री, शहडोल के कल्याणपुर में 3.2 डिग्री और राजगढ़ में 3.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
बड़े शहरों में भी गिरा पारा
राजधानी भोपाल बड़े शहरों में सबसे ठंडी रही, जहां न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर में 6.2, ग्वालियर में 6.7, उज्जैन में 7.3 और जबलपुर में 7.4 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 30 से अधिक शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया। दतिया और सतना में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा।
शीतलहर और कोहरे का अलर्ट
मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, अनूपपुर, शहडोल और सिवनी के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। वहीं सिंगरौली, सीधी, रीवा, सतना, पन्ना और छतरपुर में कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
पश्चिमी विक्षोभ से और बढ़ेगी ठंड
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 30 दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके चलते कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इससे प्रदेश में ठंड का असर और बढ़ने की संभावना है।











